सतना के कोलगवां थाना अंतर्गत सिद्धार्थ नगर अशोक बिहार कालोनी में बंद कमरे से पुलिस ने एक हम उम्र जोड़े के शव बरामद किए। 29 वर्षीया युवती की पहचान पूनम अहिरवार पिता शिवकुमार निवासी कोतमा (अनूपपुर) और युवक की पहचान अंबिकेश गौतम पिता राम कलेश (30) बेला-सेमरिया (रीवा) के रूप में की गई। प्राथमिक तौर पर पुलिस का मानना है कि युवक ने पहले युवती की धारदार हथियार से हत्या की और फिर उसी कमरे में फांसी पर झूल गया। मृतका बाणसागर में वर्ग एक की शिक्षिका थी। जबकि युवक सतना के सितपुरा स्थित रिलायंस के सीएनजी प्लांट में नौकरी करता था। छोटे भाई के साथ रहता था किराए के कमरे में
घटना स्थल पर पहुंचे सीएसपी डीपी सिंह चौहान ने बताया मामले के हर पहलू की जांच शुरू की गई है। फॉरेसिंक एक्सपर्ट डॉ.महेंद्र सिंह ने भी मौके पर पहुंच साक्ष्य जुटाए। युवती का शव लहूलुहान था लेकिन हत्या में प्रयुक्त हथियार मौके से बरामद नहीं हुआ। युवती की पहचान आधार एवं आई कार्ड से की गई। पुलिस ने बताया कि मृतक का छोटा भाई अंकितेश गौतम किराए के इस कमरे में विगत 3 साल से रह कर आदित्य इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। दोनों भाई साथ में रह रहे थे
हाल ही में 2 माह पहले बड़े भाई अंबिकेश की नौकरी लग जाने के बाद से दोनों साथ ही रह रहे थे। घटना से पहले दोनों 8 मई को गांव गए थे लेकिन अंबिकेश उसी दिन सतना लौट आया था। शुक्रवार को छोटा भाई जब शाम 4 बजे कमरे पर पहुंचा तो बाहर से ताला लगा था तो वह वापस लौट गया। रात 8 बजे वह फिर लौटा तो ताला बंद देख अंबिकेश के मोबाइल पर कॉल किया लेकिन फोन नहीं उठा। शक होने पर उसने ताला तोड़ दिया। अंदर युवती का रक्त रंजित शव जमीन पर पड़ा था जबकि उसके भाई का शव फांसी पर लटका था। घटना की जानकारी मिलते ही मकान मालिक प्रवीण सिंह ने पुलिस को सूचना दी। प्रवीण सिंह ने बताया कि कमरे की खिड़की में ग्रिल नहीं लगी है, जिस कारण कोई भी खिड़की से आ जा सकता है। रात 10:30 बजे युवती को लेकर पहुंचा था युवक
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम जानकारी भी मिली है। पास में रहने वाले एक बैंक कर्मी ने पुलिस को बताया कि गुरुवार रात करीब 10:30 बजे अम्बिकेश एक युवती को अपने साथ कमरे में लेकर आया था। उसने दरवाजा खोला और दोनों अंदर चले गए। इसके बाद कमरे से कोई बाहर नहीं निकला। उधर अंकितेश लगातार अपने भाई को फोन करता रहा, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। पुलिस को आशंका है कि देर रात ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और अम्बिकेश ने पूनम की हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी फांसी लगा ली। अनूपपुर से इंदौर का टिकट बना नई पहेली
तलाशी के दौरान पुलिस को युवती के दस्तावेज मिले जिनके आधार पर उसकी पहचान पूनम अहिरवार के रूप में हुई। वह देवलोंद के शासकीय स्कूल में वर्ग-एक की शिक्षिका पद पर पदस्थ थी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूनम और अम्बिकेश के बीच क्या रिश्ता था? दोनों की पहचान कैसे हुई? और दोनों सतना में एक साथ क्यों मिले? पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब तलाश रही है। मृतका के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे सतना पहुंच रहे हैं। जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पुलिस को पूनम के पास से अनूपपुर से इंदौर जाने का रेल टिकट मिला है। बताया जा रहा है कि वह इंदौर जाने के बजाय गुरुवार को सतना पहुंच गई थी। आखिर उसने टिकट इंदौर का क्यों कराया था? वह सतना क्यों आई? क्या दोनों पहले से मिलने वाले थे? इन सवालों ने पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना दिया है। मोबाइल खोलेंगे मौत का राज
पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। कॉल डिटेल, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल से दोनों के रिश्ते, मुलाकात और हत्या की वजह से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। सीएसपी देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकेगा। जिस कमरे में यह घटना हुई वहां लोगों की भीड़ लगी रही।
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सतना में शिक्षिका का खून से सना शव मिला: किराए के कमरे में ही युवक का शव फंदे पर लटका मिला – Satna News
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