शेखपुरा में आगामी मॉनसून से पहले बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने जिले के संवेदनशील घाटकुसुम्भा प्रखंड के निचले इलाकों का सघन दौरा किया। इस दौरान जिला प्रशासन की पूरी टीम उनके साथ मौजूद थी। यह दौरा मॉनसून के दौरान संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने और निचले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के उद्देश्य से किया गया। ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष मॉनसून के समय घाटकुसुम्भा क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा और हरोहर नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण भीषण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। आवागमन से लेकर खेती-बारी तक सब ठप यह क्षेत्र चारों ओर से पानी से घिर जाता है, जिससे स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।दौरे के क्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने डीएम के समक्ष अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि जलजमाव के कारण आवागमन से लेकर खेती-बारी तक सब ठप हो जाता है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से डीएम से अपील की कि इस क्षेत्र की विकट भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इसे बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और आपदा राहत का लाभ सुचारू रूप से मिल सके। संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी और मरम्मत के निर्देश दिए निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ आने का इंतजार न करें, बल्कि ‘प्री-डिजास्टर मैनेजमेंट’ के तहत अपनी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर लें। उन्होंने तटबंधों की मजबूती, नदी के किनारे वाले संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी और मरम्मत के निर्देश दिए। डीएम ने ऊंचे स्थानों पर शरण स्थली और सामुदायिक रसोई के लिए स्थलों का चयन करने, नावों की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और पशु चारे का पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि हमारी प्राथमिकता जान-माल की सुरक्षा है और आपदा के समय रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो, इसके लिए सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। जिले के आला अधिकारियों की टीम मौजूद रही क्षेत्र भ्रमण के दौरान डीएम के साथ जिले के आला अधिकारियों की टीम मौजूद रही, जिसमें मुख्य रूप से एडीएम लखींद्र पासवान, डीसी संजय कुमार, एसडीओ प्रियंका कुमारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ एवं बाढ़ नियंत्रण के अभियंतागण शामिल थे।
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