नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने खुलासे किए हैं। हालांकि, अब तक इसमें बड़े गिरोह के शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं। सूत्रों के अनुसार जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक में किसी बड़े गिरोह के शामिल होने से इंकार नहीं किया जा सकता। जांच में पता चला है कि गेस पेपर नासिक के शुभम खेमर ने हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव को दिया था। यश ने राजस्थान के सीकर में दिनेश को पेपर भेजा था। सीकर में गेस पेपर का पीडीएफ बनाया गया। इसे पासवर्ड से लॉक किया गया और अन्य राज्यों में भेजा गया।
दिनेश बीजेपी युवा का मोर्चा नेता है। उसने पैसे देकर गुरुग्राम के यश से पेपर खरीदा था। इसके बाद सीकर के 10 छात्रों को बेचा था। उसने पेपर के बदले नगद पैसे लिए थे। दिनेश का बेटा विकास सीकर में नीट की तैयारी कर रहा है। विकास के दोस्तों को ही यह पेपर बेचा गया था। इन सभी को एसओजी ने हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद इन सभी पांचों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है साथ ही और भी संदिग्धों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया जा सकता है।
चैट रिट्रीव करने में जुटी जांच टीम
सीबीआई ने आरोपियों के पास से जब्त डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर सीएफएसएल के पास आगे की जांच के लिए भेज दिया है। जांच के दौरान आरोपियों के फोन से डिलीट की गई चैट और मैसेज रिट्रीव कराने की कोशिश की जा रही है। सीबीआई सोशल मीडिया वाट्सएप्प और टेलीग्राम एप्प में सेव किए गए मोबाइल नंबर के जरिए उस सिम के मालिक का पता लगाने की कोशिश में है। सीबीआई की साइबर यूनिट चैट या मैसेज भेजने के वक्त की उस समय की लोकेशन आई एड्रेस के जरिए पता करने में जुटी है।
कॉमन कॉन्टैक्ट की लिस्ट बना रही सीबीआई
सीबीआई गिरफ्तार किए गए 5 लोगों की कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद सभी लोगों के कॉमन कॉन्टैक्ट की एक लिस्ट बना रही है, ताकि उनसब लोगों की चैट हिस्ट्री और डिलीट डेटा को रिट्रीव किया जा सके। फिलहाल सीबीआई को नीट पेपर लीक मामले में किसी बड़े संगठित गैंग की भूमिका को लेकर कोई सीधा सबूत नहीं मिला है, हालांकि जांच अभी शुरुआती दौर में है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
सीबीआई के हाथ लगी 50 लोगों की लिस्ट
सीबीआई ने गिरफ्तार किए गए पांचो आरोपियों की बैंक डिटेल लेने के लिए संबधित बैंको को लेटर लिख अकाउंट की जानकारी मांगी है। पेपर लीक करने के लीकेज पॉइंट में शामिल व्यक्ति की पहचान करने के लिए एनटीए अधिकारियों से सीबीआई ने जानकारी जुटाई है। सीबीआई ने बुधवार को घंटों एनटीए दफ्तर में जाकर पेपर को तैयार करने, उसको छापने, पेपर को सुरक्षित रखने और एग्जाम से पहले पेपर को अलग अलग राज्यों में भेजने में शामिल लोगों की भूमिका के बारे में पूरी जानकारी मांगी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को 50 से ज्यादा ऐसे लोगों की जानकारी मिल गई है, जिनके जिम्मे नीट पेपर को सुरक्षित और महफूज तरीके से पूरी प्रक्रिया को पूरा कराना था।
छात्रों से पूछताछ कर रही सीबीआई
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने उन तमाम लोगों की भी फाइनेंशिल डिटेल्स बैंको से मांगी है। इस सभी लोगों की सीडीआर के जरिए आरोपियों से या दूसरे संदिग्धों की संपर्क करने के सबूत जुटाने में लगी है। सीबीआई की टीमें एक दर्जन से ज्यादा ऐसे छात्रों से भी पूछताछ कर रही हैं। जिन्होंने नीट पेपर दिया था और जिनके पास लीक पेपर पहुंचा था। ताकि उनके जरिये पेपर लीक करने के बाद उसको पीडीएफ फॉर्म में पासवर्ड से प्रोटेक्ट करने वाले अलग-अलग ग्रुप की जानकारी जुटाई जा सके।
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