किशनगंज में आज, 14 मई को ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। शहर के तीन प्रमुख स्थानों गांधी चौक, बस स्टैंड और डीएम कार्यालय परिसर में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इन स्थानों पर सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जाएगा और आपदा या आपात स्थिति में बचाव का अभ्यास कराया जाएगा। सायरन की आवाज लगभग तीन से पांच किलोमीटर तक सुनाई देगी, जिससे आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी मिल सकेगी। बिजली आपूर्ति पूरी तरह रहेगी बंद जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, शाम के समय जिले में ब्लैकआउट भी किया जाएगा। इस दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी और पूरे जिले में अंधेरा रहेगा। ब्लैकआउट का उद्देश्य किसी आपात स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों का परीक्षण करना है, ताकि आपदा के समय विभिन्न विभागों के समन्वय का आकलन किया जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। अधिकारियों और कर्मियों को किसी भी संभावित स्थिति से तुरंत निपटने के लिए विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अभ्यास के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। लोगों को जागरूक करना उद्देश्य जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट के दौरान घबराएं नहीं। यह केवल एक सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक और तैयार करना है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा नहीं करने का भी आग्रह किया है। अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर कैसे पहुंचना है, बिजली बंद होने पर किन सावधानियों का पालन करना चाहिए तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन क्यों जरूरी है। जिला प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार के अभ्यास से भविष्य में किसी भी आपदा या संकट की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी।
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