Saturday, May 16, 2026
Homeराज्यमध्यप्रदेशबड़वानी में सांसद बोले- स्थानीय कारीगरों का सामान खरीदें: ताकि देश...

बड़वानी में सांसद बोले- स्थानीय कारीगरों का सामान खरीदें: ताकि देश का पैसा देश में ही रहे, स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत का रास्ता – Barwani News


बड़वानी में भारतीय जनता पार्टी ने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत विधानसभा स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। बुधवार देर शाम जिला भाजपा कार्यालय में हुए इस सम्मेलन में राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

.

उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता का मार्ग स्वदेशी से होकर जाता है। इसलिए स्थानीय कारीगरों के बनाएं उत्पाद खरीदें। जिससे देश का पैसा देश में ही रहे।

जिला मीडिया प्रभारी सुनील भावसार ने बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ भारतमाता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया। यह सम्मेलन रात 9:30 बजे तक चला।

डॉ. सोलंकी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जीएसटी में सुधार कर नई दरें लागू की हैं, जिससे पूरे देश के 140 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कार्य बताया।

सांसद ने कहा- शिक्षा के क्षेत्र में जीएसटी दर शून्य की गई

सांसद ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में जीएसटी दर 12 से घटाकर शून्य प्रतिशत की गई है। इसी तरह, चिकित्सा के क्षेत्र में कई जीवन रक्षक दवाइयों पर भी दरें शून्य प्रतिशत कर दी गई हैं। ऑटोमोबाइल पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत की गई, जबकि रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर यह दर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत और कुछ पर 5 से घटाकर शून्य प्रतिशत कर दी गई है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

डॉ. सोलंकी ने जोर दिया कि इन सुधारों से आम जनता को अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मोदीजी ने देश में जीएसटी उत्सव और दीपोत्सव का पर्व सार्थक किया है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना होगा और भारत में सभी सामग्रियों का उत्पादन करना होगा। ‘लोकल फॉर वोकल’ के तहत भारत में बनी वस्तुओं का दुनियाभर में प्रचार-प्रसार और निर्यात भी किया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के जिला संयोजक भागीरथ कुशवाह और जीएसटी सुधार के जिला संयोजक जितेंद्र निकुम ने स्वदेशी का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका मतलब हमारा रहन-सहन और आस-पास का परिवेश है।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments