Monday, May 11, 2026
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सूदखोरों की क्रूरता ने तबाह किया हंसता-खेलता परिवार: न्याय की गुहार लगाते सरकारी अधिकारी ने दी जान, सुसाइड नोट में 7लोगों को जिम्मेदार बताया – Jhunjhunu News


झुंझुनूं में रसूखदार सूदखोरों की क्रूरता ने एक हंसता-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है। जिला मुख्यालय के प्रतिष्ठित व्यवसायी और महिला अधिकारिता विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुरेश सैन (54) ने सूदखोरों की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली।

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यहां कोतवाली थाना इलाके में बीरबल मार्केट के बेसमेंट में रविवार 12 अक्टूबर को फंदे पर झूलता उनका शव मिला। उनका 4 पेज का सुसाइड नोट भी मिला। जिसमे सुरेश ने 8 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इस सुसाइड नोट में सुरेश सैन ने एक साधारण, ईमानदार इंसान के अथाह दर्द और व्यवस्था से मिली लाचारी की चीख को लिखकर बयां किया है। इस घटना ने माता-पिता से उनका सहारा छीन लिया, पत्नी की मांग सूनी कर दी और बेटे-बेटी से पिता का साया हटा दिया। यह परिवार अब सिर्फ एक न्याय की गुहार लगा रहा है- कि जिन्होंने सुरेश को मरने पर मजबूर किया, उन 8 नामजद गुनहगारों को सजा मिले।

सुसाइड नोट में परिवार से माफी मांगी सुरेश के जाने के बाद अब उनके पीछे रोते-बिलखते माता-पिता, पत्नी, बेटा और बेटी समेत पूरा परिवार है, जो अब न्याय की आस में है। सुरेश ने सुसाइड नोट में अपने परिवार से माफी मांगते हुए लिखा है कि वह इस मानसिक प्रताड़ना को और नहीं सह सकते थे।

चार पेज में छलका अधिकारी का दर्द पुलिस को मौके से एक मार्मिक सुसाइड नोट मिला, जिसमें दर्द, लाचारी और न्याय न मिल पाने की पीड़ा साफ झलकती है। इस नोट में सुरेश ने स्पष्ट रूप से 8 रसूखदार लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। जिनके नाम है, सुधीर कटारिया, सुरेंद्र कुमार आनंदपुरिया, देवकारण फगेड़िया, ताराचंद मारिगसर, यूनुस ठेकेदार, बीजू अणगासर, और रामनिवास महला। सुसाइड नोट में सुरेश सैन ने दावा किया कि 1 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज चुकाने के बावजूद, ये सूदखोर उन्हें लगातार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।

पुलिस, एसपी को कई बार दी थी शिकायत मृतक के परिवार और सुसाइड नोट के अनुसार, सुरेश सैन ने इन सूदखोरों की प्रताड़ना से बचने के लिए पहले भी कोतवाली पुलिस और एसपी को कई बार शिकायत दी थी, लेकिन उनकी एक न सुनी गई और कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय की आस में दर-दर भटकने और अधिकारियों द्वारा नजरअंदाज किए जाने ने ही उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सुरेश के जीजा महेंद्र ने बताया कि शनिवार शाम सुरेश ने उन्हें कॉल भी किया था, लेकिन वह फोन नहीं उठा पाए, जिसका उन्हें अब गहरा मलाल है।

परिवार की मांग— आरोपियों को मिले कड़ी सजा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और बीडीके अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया। मृतक के बेटे, पत्नी, माता-पिता समेत पूरे परिवार ने सातों नामजद आरोपी सूदखोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए मामला दर्ज कराया है।

सुरेश सैन का 4 पेज का सुसाइड नोट।

सुरेश सैन का 4 पेज का सुसाइड नोट।

सुसाइड नोट से सामने आई सूदखोरों की क्रूर दास्तान सुरेश सैन ने 4 पेज के सुसाइड नोट में 8 रसूखदार लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। जिनमें सुधीर कटारिया, सुरेंद्र कुमार आनंदपुरिया, देवकारण फगेड़िया, ताराचंद मारिगसर, यूनुस ठेकेदार, बीजू अणगासर, और रामनिवास महला शामिल है।

1. सुधीर कटारिया सुसाइड नोट में सुरेश ​ने लिखा— सुधीर कटारिया ने उनकी पत्नी के नाम की संपत्ति को साजिश के तहत 45 लाख रुपए में हड़प लिया। इसके बदले उसने सुरेश और उनकी पत्नी से पांच-पांच खाली चेक खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। सुरेश ने लिखा कि उनकी पत्नी के अनपढ़ होने के कारण कटारिया ने इसका फायदा उठाया। इस कारण वह मानसिक प्रताड़ना का शिकार थे।

2. सुरेंद्र कुमार आनंदपुरिया बीस लाख रुपए के लेन-देन के मामले में, सुरेंद्र कुमार ने सुरेश के कार्यालय और दुकान पर कब्जा कर लिया। सुरेश ने लिखा कि उसने सुरेंद्र को 5 लाख रुपए दिए थे और बाद में 8 लाख का भुगतान भी किया, लेकिन सुरेंद्र ने दुकान और कार्यालय खाली नहीं किए और अब 15 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग कर रहा था। साथ ही, उसके पास 5 लाख रुपए का चेक भी था जिसे वह नहीं लौटा रहा था।।

3. देवकरण फगेड़िया चूरु निवासी स्मार्ट हीरो होंडा एजेंसी के मालिक देवकरण फगेड़िया ने सुरेश से 40 लाख रुपए उधार लिए। सुरेश ने दावा किया कि उन्होंने 3 चेक, स्टांप और खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए, 4 दुकानों की गिरवी रजिस्ट्री करवा ली। सुरेश ने पूरी राशि लौटा दी, लेकिन फिर भी देवकरण ने चेक और रजिस्ट्री वापस नहीं की। एक खाली चेक 70 लाख का उन्होंने कोर्ट में लगा दिया था।

4. ताराचंद मारिगसर सुरेश ने लिखा कि ताराचंद से उधार लिया गया पैसा लौटाने के बाद भी वो ब्याज मांग रहा है, जबकि उन्होंने मूल राशि चुका दी थी।

5. यूनुस ठेकेदार सुरेश ने बताया कि यूनुस ने 35 लाख रुपए का चेक जबरदस्ती ले लिया और उसे कोर्ट में लगा दिया। वह अपने चेक को वापस पाने के लिए न्याय की गुहार कर रहे थे।

6. बीजू अणगासर सुरेश ने सुसाइड नोट में लिखा— बीजू अणगासर चाय वाले को उन्होंने पूरी रकम लौटा दी थी, लेकिन बीजू ने उनका एक चेक अपने पास रख लिया और उसे कोर्ट में 6 लाख रुपए के लिए लगा दिया।

7-8. ताराचंद कुंडली वाले और रामनिवास महला (जानी): सुरेश ने लिखा कि ताराचंद कुंडली वाले से लिए 5 लाख रुपए का उधार चुकाया जाना था। रामनिवास महला के पास गिरवी रखी 4 बीघा जमीन की रजिस्ट्री 3 साल पहले कराई थी, लेकिन अब नियत खराब होने के कारण वह जमीन लौटाने से इनकार कर रहे थे।

महिला अधिकारिता विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुरेश सैन ने कोतवाली थानाधिकारी को 22 सितंबर को रसूखदारों के खिलाफ शिकायत भी दी थी।

महिला अधिकारिता विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुरेश सैन ने कोतवाली थानाधिकारी को 22 सितंबर को रसूखदारों के खिलाफ शिकायत भी दी थी।

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