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DRDO Power: भारतीय सेना ने डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किए गए यांत्रिक खदान क्षेत्र अंकन उपकरण एमके-2 को शामिल किया है, जो आत्मनिर्भरता और युद्ध तत्परता को मजबूत करता है.
डीआरडीओ का यह उपकरण स्वदेशी इनोवेशन का नायाब उदाहरण है.सेना ने लिखा, “अभियानगत दक्षता बढ़ाने की दिशा में स्वदेशी नवाचार (इंडिजिनस इनोवेशन) के माध्यम से युद्ध तत्परता को मजबूत करते हुए भारतीय सेना ने यांत्रिक खदान क्षेत्र अंकन उपकरण एमके-2 को शामिल किया है.” पोस्ट में एमके-2 की कुछ तस्वीरें भी साझा की गई हैं.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का प्रमाण
कुछ ही दिन पहले 9 अगस्त को डीआरडीओ अध्यक्ष समीर कामत ने कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आत्मनिर्भरता, रणनीतिक दूरदर्शिता और स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की ताकत को दर्शाता है. कामत ने पुणे के डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (डीआईएटी) के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिमी सीमाओं पर अत्यंत समन्वित एवं बहुआयामी अभियान ने न केवल सैनिकों के साहस को प्रदर्शित किया, बल्कि उस प्रौद्योगिकी को भी रेखांकित किया, जिसने उनका समर्थन किया.
उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक मिशन से कहीं अधिक था और यह आत्मनिर्भरता, रणनीतिक दूरदर्शिता और स्वदेशी प्रौद्योगिकी में भारत की ताकत को प्रदर्शित करता है. कामत ने कहा कि अभियान दुनिया को यह संदेश था कि भारत में स्वदेशी प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपनी सीमाओं की रक्षा करने की क्षमता है. डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि सेंसर, ड्रोन और सुरक्षित संचार से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निर्णय लेने में सहायक प्रणाली और सटीक हथियारों तक, स्वदेशी संसाधनों ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

