Thursday, May 7, 2026
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WhatsApp पर सरकार बनाने का न्योता! विजय की चाल देख लेफ्ट नेताओं का चकराया सिर


चेन्नई: तमिलनाडु में सरकार बनाने की जद्दोजहद के बीच थलापति विजय की पार्टी तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) ने संभावित सहयोगियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल रास्ता अपनाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीवीके ने इंडिया ब्लॉक की छोटी पार्टियों जैसे सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके को औपचारिक मुलाकात के बजाय व्हाट्सएप मैसेज भेजकर समर्थन मांगा है. इस अनौपचारिक तरीके ने पुराने और अनुभवी राजनेताओं को हैरान कर दिया है. एक लेफ्ट नेता ने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद यह नई पीढ़ी की राजनीति है, जहां सरकार बनाने जैसे गंभीर मुद्दे भी मैसेजिंग ऐप पर तय किए जा रहे हैं. तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इस पर गहरा सस्पेंस बना हुआ है.

गवर्नर की शर्त और विजय का मिशन 118

टीवीके के पास फिलहाल 108 सीटें हैं, जो बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से 10 कम हैं. हालांकि कांग्रेस के 5 विधायकों ने टीवीके को समर्थन देने का वादा किया है, लेकिन इसके बावजूद विजय के पास केवल 113 का आंकड़ा ही पहुंच पा रहा है.

विजय से TN गवर्नर की दो-टूक: ‘फोन पर नहीं, कागज पर दिखाओ बहुमत’. (File Photo : ANI)

लेफ्ट पार्टियों की नाराजगी और ‘डिजिटल’ दूरियां

टीवीके के व्हाट्सएप आउटरीच ने लेफ्ट पार्टियों के भीतर काफी असहजता पैदा कर दी है. नेताओं का कहना है कि गठबंधन बनाने के लिए आमतौर पर औपचारिक चर्चा, सम्मान और वैचारिक स्पष्टता की जरूरत होती है.

एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, ‘जो पार्टी सरकार बनाना चाहती है और जिसके पास बहुमत नहीं है, वह हमारे ऑफिस तक नहीं आई. उन्होंने सिर्फ व्हाट्सएप पर निमंत्रण भेज दिया, इसे हम क्या समझें?’

इसके पीछे एक गहरी चिंता यह भी है कि कांग्रेस ने डीएमके के साथ अपना दशकों पुराना रिश्ता तोड़कर टीवीके का हाथ थाम लिया है. लेफ्ट पार्टियों को डर है कि कहीं टीवीके का यह डिजिटल जाल उनके गठबंधन को भी न तोड़ दे. फिलहाल सीपीआई और वीसीके जैसी पार्टियों ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और वे अपनी आंतरिक बैठकों का इंतजार कर रही हैं.

क्या डीएमके और एआईएडीएमके आएंगे साथ?

मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के बीच तमिलनाडु में एक ऐसी संभावना की चर्चा भी तेज हो गई है, जो पहले अकल्पनीय थी. राजनीतिक गलियारों में खबर है कि अगर टीवीके बहुमत साबित करने में विफल रहती है, तो डीएमके और एआईएडीएमके के बीच एक गुप्त समझौता हो सकता है.

उधर, एमके स्टालिन ने भी आंतरिक रूप से संकेत दिए हैं कि वे टीवीके को सरकार बनाने का मौका देने के पक्ष में हैं, लेकिन उनकी नजर इस बात पर है कि क्या विजय 118 का आंकड़ा जुटा पाएंगे.

तमिलनाडु में आगे क्या होने वाला है?

16वीं तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. इसका मतलब है कि विजय के पास बहुमत जुटाने के लिए बहुत कम समय बचा है. अगर 10 मई तक कोई भी दल सरकार बनाने का स्पष्ट दावा पेश नहीं कर पाता, तो राज्यपाल के पास राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने या नए चुनाव कराने का विकल्प होगा.

टीवीके के लिए चुनौती यह है कि वह उन 5-10 विधायकों का समर्थन कहां से लाए, जो उन्हें सीएम की कुर्सी तक पहुंचा सकें. क्या व्हाट्सएप वाला यह ‘जेन-जी’ अंदाज काम आएगा या फिर तमिलनाडु की पुरानी राजनीतिक परंपराएं विजय पर भारी पड़ेंगी, इसका फैसला अगले 48 घंटों में हो सकता है. फिलहाल, चेन्नई से लेकर पुडुचेरी तक राजनीति का पारा सातवें आसमान पर है.



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