Tuesday, June 16, 2026
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46 साल का इंतजार खत्म! किशाऊ डैम पर 6 राज्‍यों में बनी सहमति


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किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर 6 राज्यों के बीच आख‍िरकार सहमति बन गई. गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मीटिंग सभी राज्‍यों के बीच समझौता हुआ. परियोजना से यमुना में जल प्रवाह, जल सुरक्षा, सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन बढ़ेगा.

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अमित शाह की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमत‍ि बनी.

46 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है. किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर छह राज्यों के बीच सहम‍त‍ि बन गई है. गृहमंत्री अमित शाह की अध्‍यक्षता में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच समझौता हुआ. इसे जल्‍द केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यह बांध यमुना में जरूरत के ह‍िसाब से पानी का बहाव सुन‍िश्च‍ित करेगा. इससे इन 6 राज्‍यों को पीने का और स‍िंचाई का पानी म‍िलेगा.

इस परियोजना का सबसे बड़ा असर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की जल सुरक्षा पर पड़ सकता है. समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के हिस्से का कुछ पानी दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी है. साथ ही, जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जिससे राज्यों पर वित्तीय बोझ कम होगा. परियोजना से जलविद्युत उत्पादन भी बढ़ेगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.

यमुना में आएगा खूब पानी

केंद्र सरकार का दावा है कि किशाऊ परियोजना ‘निर्मल और अविरल यमुना’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी. बांध से नियंत्रित जल प्रवाह होने पर यमुना में सालभर अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ पानी छोड़ा जा सकेगा, जिससे नदी की सेहत सुधारने में मदद मिलेगी. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बनी यह सहमति लंबे समय से लंबित परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

क्‍या है ये प्रोजेक्‍ट

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना भारत और नेपाल की सीमा के पास यमुना नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत और जल-संसाधन परियोजना है. यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर क्षेत्र के बीच विकसित की जानी है. इसका नाम यमुना की सहायक नदी टौंस पर स्थित किशाऊ क्षेत्र से पड़ा है. इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा तमाम अफसर मौजूद थे.

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Gyanendra Mishra

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