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नई दिल्ली9 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट के साथ उदय भटनागर
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सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे दीपके पर महिला ने स्याही फेंकी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल प्रशासन ने बुलेटिन जारी करके बताया कि वांगचुक को डिहाइड्रेशन हुआ है, लेकिन उन्होंने दवा या ड्रिप लगवाने से इनकार कर दिया है।
हेल्थ रिपोर्ट में बताया गया कि वांगचुक के शरीर पोटैशियम का लेवल घट गया है। यूरिन कीटोन बढ़कर 3+ हो गया। हालांकि, वांगचुक के डॉक्टर नितिन दीघे ने कहा- अस्पताल में गृह मंत्रालय का अधिकारी मौजूद होने के कारण हमारी टीम को वांगचुक से मिलने नहीं दिया गया।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो का भी दावा है कि सोनम का पोटैशियम लेवल कम है। इसकी दवा जंतर-मंतर पर भी दी जा सकती थी, अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी।
वांगचुक पेपर लीक मामले की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। वजन भी 9.5 किलो तक कम हो चुका है।
डॉक्टरों की टीम का कहना है कि वांगचुक को तुरंत ही अनशन तोड़ देना चाहिए, लेकिन वे और उनका परिवार इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।
सफदरजंग हॉस्पिटल से जारी वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन…

वांगचुक के बाद CJP फाउंडर दीपके का अनशन, स्याही फेंकी गई
वांगचुक को हॉस्पिटल भेजे जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वे जब मंच से नीचे आकर बैठे तो एक महिला ने दीपके पर स्याही फेंक दी। दीपके का कहना है कि वे वांगचुक के दोबारा धरना स्थल पर लौटने तक भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
वांगचुक को ले जाने का पूरा घटनाक्रम, 3 तस्वीरों में देखें…

जंतर-मंतर पर सुबह करीब 7 बजे पुलिस सिविल ड्रेस में पहुंची।

पुलिस और सेंट्रल फोर्स के जवानों ने वांगचुक को मंच से सफेद चादर में उठाया।

पुलिस वांगचुक को उठाकर एंबुलेंस तक ले गई।

खबर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
9 मिनट पहले
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वांगचुक की पत्नी गीतांजलि बोलीं- अस्पताल में भी वांगचुक का भूख हड़ताल जारी
04:29 PM18 जुलाई 2026
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अभिजीत पर स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहान, खुद पोस्ट करके बताया
अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला की पहचान सामने आ गई है। महिला का नाम बरखा त्रेहान है। बरखा ने X पर एक पोस्ट में लिखा है- हां, मैं बरखा त्रेहान वही महिला हूं जिसने उस कट्टर अर्बन नक्सल अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकी थी, क्योंकि जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मंच पर मेरे प्रभु श्री राम जी का अपमान हुआ, तो वह हंसा था। मैं एक कट्टर हिंदू हूं। मैं बहुत नाराज थी। यह मेरा विरोध था और मुझे इस पर गर्व है।
बरखा त्रेहान वही महिला है, जो पिछले साल रेपिस्ट कुलदीप सिंह सेंगर का खुलेआम सपोर्ट कर चुकी है।
04:03 PM18 जुलाई 2026
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डॉक्टर बोले- तुरंत अनशन तुड़वाना जरूरी, लेकिन वांगचुक और परिवार तैयार नहीं
AIIMS नई दिल्ली के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने वांगचुक की जांच की और इलाज करने वाली टीम की इस बात से सहमति जताई कि तुरंत ओरल/इंट्रावेनस फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की मेडिकल जरूरत है। AIIMS का एक डॉक्टर भी इलाज करने वाली टीम में शामिल हो गया है और निगरानी और क्लिनिकल मैनेजमेंट के लिए लगातार मौजूद रहेगा।
इलाज करने वाली टीम और स्वतंत्र विशेषज्ञ द्वारा इलाज की तत्काल जरूरत के बारे में बार-बार समझाने के बावजूद, वांगचुक ने इंट्रावेनस फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और सभी दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। उनके परिवार ने भी सुझाई गई मेडिकल प्रक्रिया के लिए अभी तक सहमति नहीं दी है।
वांगचुक लगातार कड़ी मेडिकल निगरानी में हैं। इलाज करने वाली टीम उनके परिवार को समझाने की पूरी कोशिश कर रही है कि वे सहमति दें और उनकी सेहत की सुरक्षा व अनावश्यक जटिलताओं से बचने के लिए जल्द से जल्द सुझाई गई चिकित्सा अपनाएं।
03:54 PM18 जुलाई 2026
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वांगचुक का तीसरा हेल्थ बुलेटिन जारी, जांच टीम में AIIMS का डॉक्टर शामिल
सफदरजंग हॉस्पिटल ने रात 9 बजे सोनम वांगचुक का तीसरा हेल्थ बुलेटिन जारी कर दिया है। बुलेटिन के मुताबिक सोनम वांगचुक होश में हैं और उनकी शारीरिक स्थिति (हीमोडायनामिक रूप से) स्थिर है। उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल भी नॉर्मल है। हालांकि, उनमें डिहाइड्रेशन के लक्षण दिख रहे हैं। लंबे समय से उपवास के कारण, उनकी हालत को देखते हुए तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत है ताकि स्थिति के और बिगड़ने से बचा जा सके।
02:55 PM18 जुलाई 2026
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अभिजीत का दावा- पुलिस हमें जबरन धरने से हटा सकती है
कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर से एक वीडियो जारी किया है। इसमें वे कह रहे हैं – “दिल्ली पुलिस आज रात या कल सुबह हमारे विरोध-प्रदर्शन पर कार्रवाई करने की योजना बना रही है ताकि युवाओं की आवाज को दबाया जा सके। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे जंतर-मंतर पर रात भर चलने वाले हमारे विरोध-प्रदर्शन में शामिल हों, ताकि हम सब मिलकर 20 तारीख को संसद तक मार्च कर सकें।”
02:40 PM18 जुलाई 2026
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वांगचुक-CJP के संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई
सोमवार को होने वाले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संसद मार्च से पहले पुलिस ने 24 घंटे निगरानी और गाड़ियों की चेकिंग बढ़ा दी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए नई दिल्ली जिले में घुसने के मुख्य रास्तों को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया है, जहां मजबूत बैरिकेडिंग, गाड़ियों की सघन चेकिंग और ज्यादा पुलिस पिकेट्स लगाए गए हैं।
01:37 PM18 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर पर बढ़ी प्रदर्शनकारियों की संख्या, 3 तस्वीरें…

जंतर मंतर पर शाम 5 बजे से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था।

इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं। वे हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे हैं।

जंतर-मंतर पर मौजूद युवा वहां आए लोगों को पंखे से हवा करते दिखाई दिए।
01:18 PM18 जुलाई 2026
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वांगचुक के डॉक्टर बोले- हॉस्पिटल छावनी बना, फ्लोर पर किसी की एंट्री नहीं
दैनिक भास्कर ने सोनम वांगचुक के डॉक्टर नितिन दीघे से फोन पर बात की। उन्होंने बताया-
कल शाम को हमने 3 बजे ब्लड सैंपल लिया था, लैब से टेस्ट करने पर पोटेशियम लेवल 4.8 था। नॉर्मल वैल्यू 3.5 से ज्यादा होनी चाहिए। गवर्नमेंट डॉक्टर कोई रिपोर्ट हमें नहीं दिखा रहे हैं, लेकिन कह रहे हैं कि पोटेशिय लेवल 2.8 हो गया है। हॉस्पिटल लाने के बाद में ब्लड टेस्ट किया गया। वहां से लेकर आने से पहले उनके वाइटल्स में कोई मेजर चेंज नहीं था कि उन्हें हॉस्पिटलाइज करना पड़े। पूरे फ्लोर पर किसी को एंट्री नहीं दी जा रही है। पुलिस की छावनी बना दिया गया है। जंतर-मंतर पर डेढ़ हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं।

01:08 PM18 जुलाई 2026
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वांगचुक के पिता ने भी अनशन किया था, इंदिरा के कहने पर तोड़ा

फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
1984 में सोनम वांगचुक के पिता सोनम वांग्याल लद्दाख को जनजातीय दर्जा देने और क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को लेकर दो बार अनशन पर बैठे थे। पहली बार 1982 में लगातार 16 दिन भूख हड़ताल की। इसके बाद 1984 में 5 दिन तक भूख हड़ताल पर बैठे। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी लेह पहुंचीं, उनसे बातचीत की और जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।
12:53 PM18 जुलाई 2026
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अभिजीत वांगचुक की वापसी तक भूख हड़ताल करेंगे: वैभव पलनीटकर की रिपोर्ट…
वांगचुक के अलावा 3 स्टूडेंट भी भूख हड़ताल पर
वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) की नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। वे अभी भी अनशन पर हैं।
नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है, जबकि आमीन और मनीष की तबीयत भी लगातार बिगड़ रही है।
हाइपोग्लाइसीमिया वह स्थिति है जब खून में शुगर लेवल सामान्य से बहुत कम हो जाता है। आमतौर पर 70mg/dL से कम ब्लड शुगर को हाइपोग्लाइसीमिया माना जाता है।
12:47 PM18 जुलाई 2026
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वांगचुक को कम्पनसेटेड एसिडोसिस, हाइपोकेलेमिया का खतरा क्यों
1. कम्पनसेटेड एसिडोसिस क्या है: यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का pH बिगड़ने लगता है, लेकिन फेफड़े और किडनी उसे सामान्य रखने की कोशिश करते हैं। लंबे उपवास, डिहाइड्रेशन या अन्य कारणों से ऐसा हो सकता है।
2. पोटैशियम कम होने हाइपोकेलेमिया का खतरा: सामान्य तौर पर खून में पोटैशियम 3.5–5.0 mEq/L के बीच होता है। इसके कम होने पर मांसपेशियों में कमजोरी, ऐंठन और गंभीर मामलों में हृदय की धड़कन प्रभावित हो सकती है।
3. कीटोन लेवल बढ़ना कितना घातक: स्वस्थ्य व्यक्ति में भी ब्लड कीटोन लेवल 3 से अधिक है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता। यह हमेशा जानलेवा नहीं होता, लेकिन यह बताता है कि शरीर सामान्य तरीके से ऊर्जा नहीं बना पा रहा और वसा को बहुत तेजी से तोड़ रहा है।
12:34 PM18 जुलाई 2026
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वांगचुक के डॉक्टर बोले- वे स्वस्थ्य हैं, उन्हें एडमिट करने की जरूरत नहीं थी
12:21 PM18 जुलाई 2026
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वांगचुक की पत्नी का दावा- सफदरजंग हॉस्पिटल की रिपोर्ट गलत
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो ने X पर एक पोस्ट किया है। इसमें लिखा है- “सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक सोनम वांगचुक का पोटैशियम लेवल 2.9 है, जबकि कल ही यह 4.3 था। वे न तो मुझे उन्हें किसी दूसरी लैब में ले जाकर दूसरी राय लेने दे रहे हैं और न ही वे मेरी मौजूदगी में उनका ब्लड सैंपल दे रहे हैं ताकि मैं कहीं और टेस्ट करवा सकूं। मैं 3 घंटे से इंतजार कर रही हूं, लेकिन उन्होंने अभी तक हमारी बात नहीं मानी है। पारदर्शिता की इस कमी से हमें शक हो रहा है और हमने तुरंत डिस्चार्ज करने की मांग की है ताकि हम अपनी पसंद के अस्पताल जा सकें। हम पिछले 2 घंटे से उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।”
11:32 AM18 जुलाई 2026
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उद्धव बोले- मोदी सरकार को नागरिकों के जान की परवाह नहीं है
शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार की आलोचना की है, क्योंकि उसने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल से हटा दिया, जहां वे पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर थे।
ठाकरे ने केंद्र सरकार से विरोध कर रहे युवाओं से बातचीत करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों की जान की परवाह नहीं करती है। ठाकरे ने कहा, “यह शर्मनाक है कि वांगचुक को जंतर-मंतर से कैसे हटाया गया। वांगचुक अपनी जान देने की कगार पर हैं और कई युवा भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन BJP सरकार को नागरिकों या युवाओं की जान की कोई परवाह नहीं है। जो सरकार NEET जैसी परीक्षाएं ठीक से नहीं करा सकती, उसे यह बताना चाहिए कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले कितने युवाओं को अपनी जान देनी होगी।
11:20 AM18 जुलाई 2026
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अन्ना हजारे और ओलिंपियन मनु भाकर भी वांगचुक के समर्थन में आगे आए
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भी सोनम वांगचुक के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार को किसी दुखद नतीजे का इंतजार नहीं करना चाहिए और बातचीत करने में कोई बुराई नहीं है।
ओलिंपियन मनु भाकर बोलीं- हमारे छात्रों के भविष्य की रक्षा की जानी चाहिए
मनु भाकर ने वांगचुक के अनशन और उससे जुड़ी घटनाओं को लेकर X पर एक पोस्ट में लिखा- “इस समय, यह हमारे राष्ट्र के भविष्य के जीवन का सवाल है। यह हम सबके बारे में है। मैं एक छात्र हूं, और एक समय हम सभी छात्र थे। हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और जीवन में एक समान अवसर पाने का अधिकार है। ये विशेषाधिकार नहीं हैं, ये मौलिक अधिकार हैं। जिन छात्रों और बच्चों ने अपनी जान गंवाई, वे हमारे देश का भविष्य बनने वाले थे। उनके सपनों, उनकी क्षमता और उनके भविष्य की रक्षा की जानी चाहिए थी”
11:05 AM18 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक ने दवा-IV फ्लूइड लेने से इनकार किया
सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद लाए गए एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने डिहाइड्रेशन और मेटाबॉलिक गड़बड़ी के लक्षण होने के बावजूद फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और दूसरी दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। वांगचु की लगातार निगरानी की जा रही है और उन्हें इलाज कराने की सलाह दी जा रही है।
10:40 AM18 जुलाई 2026
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राहुल बोले- मोदी सरकार का सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं, वांगचुक को हटाना गलत

राहुल गांधी ने X पर लिखा है-
“मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक जी को शांतिपूर्ण भूख हड़ताल के दौरान जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े बेहद गंभीर मुद्दे हैं। भारत के छात्रों और उन पर भरोसा करने तथा उनसे प्रेम करने वाले हम लोगों को इन मुद्दों को उठाने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती।”

10:34 AM18 जुलाई 2026
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सफदरजंग मेडिकल कॉलेज ने सोनम वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन जारी किया
वीएमएमसी सफदरजंग अस्पताल ने दोपहर 3.30 बजे सोनम वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। इसमें बताया गया है कि सुबह 7:40 बजे दिल्ली पुलिस ने सोनम को भर्ती कराया था।
वे 20 दिनों से उपवास कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें सामान्य कमजोरी थी। बेहोशी आने की हिस्ट्री नहीं है। भर्ती के समय वे पूरी तरह होश में थे। उनकी नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य और स्थिर थे। जांच में डिहाइड्रेशन के लक्षण मिले।

मेडिकल जांच में क्या मिला?
- ब्लड गैस एनालिसिस में शरीर में अम्ल-क्षार संतुलन बिगड़ना, जिसकी आंशिक भरपाई शरीर कर रहा था पाया गया।
- सीरम पोटैशियम का स्तर घटकर 2.8 mg/dL था।
- दोबारा जांच में भी पोटैशियम का स्तर लगभग समान रहा।
- यूरिन कीटोन भर्ती के समय 1+ थे, जो दोपहर 1 बजे तक बढ़कर 3+ हो गए। यह लंबे उपवास के कारण शरीर के ऊर्जा के लिए वसा जलाने का संकेत हो सकता है।
10:12 AM18 जुलाई 2026
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लद्दाख को राज्य बनाने की मांग, वांगचुक 170 दिन जेल में रहे

वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए।
सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया।
09:54 AM18 जुलाई 2026
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वांगचुक को अस्पताल भेजने के लिए पुलिस और फोर्स ने पहले से तैयारी की

विरोध प्रदर्शन की 4 तस्वीरें…

वांगचुक को अस्पताल ले जाते समय जंतर-मंतर पर हंगामा हो गया। प्रदर्शनकारी सबको स्टेज पर बुलाने लगे।

प्रदर्शनकारियों ने वांगचुक को ले जा रही पुलिस को रोकने की कोशिश की।

पुलिस को रोकने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने वहां से हटाया।

वांगचुक को ले जाने का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाते सुरक्षाबल के जवान।
09:42 AM18 जुलाई 2026
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केजरीवाल ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे। लेकिन उनसे बातचीत करने के बजाय सरकार ने बल प्रयोग का रास्ता चुना।
अगर आज देश एकजुट नहीं होगा, तो कल बहुत देर हो जाएगी। देश के बच्चों का भविष्य बचाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचिए।
09:18 AM18 जुलाई 2026
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दिल्ली पुलिस ने कहा- CJP ने संसद मार्च के लिए अनुमति नहीं मांगी

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी ने अभी तक संसद मार्च निकालने के लिए पुलिस से कोई अनुमति नहीं मांगी है। बता दें CJP ने 20 जुलाई को संसद तक रैली निकालने का ऐलान किया है। इसी दिन संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है।
08:53 AM18 जुलाई 2026
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गुवाहाटी- सोनम वांगचुक की तस्वीर बनाने पर 2 युवकों को हिरासत में लिया

असम के गुवाहाटी में दो दिन पहले फ्लाईओवर के पोल की दीवार पर सोनम वांगचुक की तस्वीर बना रहे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। नोटिस देने के बाद दोनों को छोड़ दिया जाएगा।
08:29 AM18 जुलाई 2026
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AISA सदस्य ने बताया- मनीष, आमीन, नेहा का 10kg वजन घटा
07:59 AM18 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर पर महिला ने दीपके पर स्याही फेंकी
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी, जिससे वहां पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद भीड़ ने महिला को पकड़ लिया।
07:51 AM18 जुलाई 2026
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दीपके का दावा- वांगचुक से बात हुई, वह जंतर-मंतर आना चाहते हैं
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनकी सोनम वांगचुक से बात हुई है। वांगचुक जंतर-मंतर आना चाहते हैं। उन्हें हिरासत में लेकर रखा गया है। उन्होंने कहा- जब तक वांगचुक अस्पताल से नहीं आते, मैं स्टेज पर वापस नहीं जाऊंगा।
07:27 AM18 जुलाई 2026
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वांगचुक की पत्नी बोलीं- हमें मेडिकल रिपोर्ट नहीं दिखाई गई
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जंतर-मंतर से अस्पताल लाया गया, लेकिन न तो उन्हें इसकी जानकारी दी गई और न ही मुझे। कल शाम ही सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जांच की थी और उनके सभी वाइटल्स सामान्य थे।
लेकिन अब हमें बताया जा रहा है कि उनके शरीर में पोटैशियम का स्तर गिर गया है और उनकी जान को खतरा है। जब हमने मेडिकल रिपोर्ट दिखाने को कहा, तो वह हमें नहीं दिखाई जा रही।
उन्होंने आगे कहा कि अगर सोनम मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो मैं उनकी ओर से उसका नेतृत्व करूंगी। सोमवार को प्रस्तावित मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। सिर्फ इसलिए कि सोनम को जबरन यहां लाया गया है, इसका मतलब यह नहीं कि मार्च रुक जाएगा।”
07:15 AM18 जुलाई 2026
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भूख हड़ताल कर रहे आमीन बोले- पुलिस ने हमें भी ले जाने की कोशिश की
07:09 AM18 जुलाई 2026
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AISA सदस्य मनीष ने कहा- हमारी भूख हड़ताल जारी रहेगी
06:53 AM18 जुलाई 2026
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योगेंद्र यादव बोले- सरकार को वांगचुक से खतरा, आंदोलन और बड़ा होगा
06:40 AM18 जुलाई 2026
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भूख हड़ताल कर रहे अभिजीत दीपके मंच से नीचे आकर बैठे
06:31 AM18 जुलाई 2026
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वांगचुक की पत्नी को अस्पताल में फोन ले जाने की परमिशन नहीं मिली
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से सोनम वांगचुक की पत्नी को हॉस्पिटल के कमरे में फोन ले जाने की परमिशन नहीं दी गई है। वहीं अस्पताल ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट परिवार के साथ शेयर नहीं की है। इसके अलावा पर्सनल वकील या डॉक्टर को भी मिलने की परमिशन नहीं दी गई है।
06:10 AM18 जुलाई 2026
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सफदरजंग अस्पताल ने कहा- वांगचुक की स्थिति स्थिर

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कहा कि उन्हें सुबह 7:40 बजे जरूरी मेडिकल चेकअप के लिए यहां लाया गया। लंबे समय से उपवास और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण वह कमजोर हैं।
फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन शरीर के सभी मानकों को सामान्य करने के लिए उन्हें लगातार निगरानी, चिकित्सकीय देखभाल और उपचार की जरूरत है।
06:06 AM18 जुलाई 2026
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CJP ने कहा- वांगचुक को जबरदस्ती ले गए
05:46 AM18 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर के हालात बता रहे हैं रिपोर्टर उदय भटनागर
05:31 AM18 जुलाई 2026
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क्या अनशनकारी को जबरदस्ती डाइट दे सकते हैं, सवाल-जवाब में समझें
सवाल: क्या डॉक्टर अनशन करने वाले को जबदस्ती फ्लूइड या लिक्विड डाइट दे सकते हैं?
जवाब: भारत में ऐसा कोई सामान्य कानून नहीं है, लेकिन वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन की गाइडलाइन कहती है यदि अनशनकारी अपने फैसले के परिणाम समझता है और इलाज या फोर्स फीडिंग से मना करता है, तो नैतिक रूप से उसे माना जाए।
हालांकि, मरीज बेहोश हो जाए, निर्णय लेने की क्षमता खो दे या कोर्ट उसकी जान बचाने के लिए निर्देश दे, तो डॉक्टर मरीज के हित में उसे नसों से आहार या दवाएं दे सकते हैं।
सवाल: क्या ड्रिप लगाने से अनशन टूटा माना जाता है?
जवाब: ड्रिप लगने से अनशन टूटा माना जाए, ऐसा कोई कानूनी या मेडिकल रूल नहीं है। यह इस पर निर्भर करता है कि व्यक्ति ने मर्जी से ऐसा किया या सिर्फ जान बचाने के लिए उसे ड्रिप दी गई। कई आंदोलनों में प्रदर्शनकारी ड्रिप लगने के बाद भी अनशन जारी मानते हैं।
सवाल: क्या अनशन पर कोई कानून भी है?
जवाब: भारतीय संविधान में अनशन पर कोई अलग कानून नहीं है। हालांकि, अनुच्छेद 19(1)(a), अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 19(1)(b), शांतिपूर्वक एकत्र होने का अधिकार देता है।
दूसरी तरफ अनुच्छेद 21, यानी जीवन का अधिकार के तहत राज्य पर व्यक्ति के जीवन की रक्षा करने की भी जिम्मेदारी होती है।
05:23 AM18 जुलाई 2026
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई
05:15 AM18 जुलाई 2026
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भूख हड़ताल में शरीर पर असर, ग्राफिक्स से समझें

05:02 AM18 जुलाई 2026
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सोनम को अस्पताल ले जाने के बाद दीपके भावुक हुए
सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्तपाल ले जान के बाद अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे मंच पर अपने पास सोनम की तस्वीर रखे हुए हैं और भावुक हो गए।
05:01 AM18 जुलाई 2026
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इरोम ने 16 साल तक अनशन किया, जानें ऐसी ही 5 हड़तालें

देश में पहले भी कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर लंबी भूख हड़ताल कर चुके हैं। महात्मा गांधी से लेकर जी.डी. अग्रवाल तक कई लोगों ने अनशन का सहारा लिया। सबसे लंबी भूख हड़ताल का रिकॉर्ड इरोम शर्मिला के नाम है।
इरोम शर्मिला ने मणिपुर से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) हटाने की मांग को लेकर करीब 16 साल (2000-2016) तक भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उन्हें जीवित रखने के लिए नाक के जरिए तरल आहार (फोर्स-फीडिंग) दिया जाता था।
04:55 AM18 जुलाई 2026
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सफदरजंग हॉस्पिटल के बाहर पुलिस बल तैनात
वांगचुक को भर्ती कराए जाने के बाद सफदरजंग हॉस्पिटल के बाहर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। किसी को भी अस्तपाल में जाने की परमिशन नहीं है। मीडिया को बाहर ही रोक दिया जा रहा है।
04:33 AM18 जुलाई 2026
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CJP फाउंडर दीपके ने जंतर-मंतर पर अनशन शुरू किया
04:02 AM18 जुलाई 2026
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दीपके बोले- मैं भी आज से अनशन शुरू करूंगा
अभिजीत दीपके ने कहा कि मैं आज से अपना अनशन शुरू कर रहा हूं। 20 जुलाई को हमारा संसद मार्च भी होगा और मेरा अनशन भी जारी रहेगा। इन्हें लगता है कि सोनम सर को यहां से उठाकर अंदर ले जाने से यह आंदोलन खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। यह आंदोलन जारी रहेगा।
03:59 AM18 जुलाई 2026
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प्रदर्शनकारी बोले- नेहा, मनीष और आमीन की भूख हड़ताल जारी रहेगी
03:46 AM18 जुलाई 2026
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वांगचुक की पत्नी भी सफदरजंग अस्पताल पहुंचीं, कहा- उन्हें मुंह से कुछ न दिया जाए

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा- मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूं, जहां सोनम भर्ती हैं। मेरी, उनके परिवार और पिछले 20 दिनों से उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें न तो मुंह से कुछ दिया जाए और न ही नस के जरिए (इंट्रावीनस) कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए।
03:36 AM18 जुलाई 2026
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दीपके बोले- इस निंदनीय कार्रवाई के बाद पीएम का इस्तीफा मांगेंगे
अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि सोनम सर को यहां से ले जाने से यह आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो वे गलत हैं। हम यहीं डटे रहेंगे और 20 जुलाई को संसद तक मार्च करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि अब तक हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन इस निंदनीय कार्रवाई के बाद अब हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।
03:31 AM18 जुलाई 2026
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डिंपल यादव बोलीं- BJP देश के लिए सफेद चादर का कफन लाई
डिंपल यादव ने सोनम को ले जाने का वीडियो शेयर करते हुए कहा- बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।
03:27 AM18 जुलाई 2026
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संजय सिंह बोले- पुलिस जबरन सोनम वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले गई
संजय सिंह बोले- वांगचुक अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। देश के प्रधानमंत्री ने भी उनसे बात नहीं की। सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बात नहीं करने गया। पुलिस जबरन उन्हें उठाकर अस्पताल ले गई। क्योंकि 20 को उन्होंने संसद तक मार्च का आह्वान किया था।
03:18 AM18 जुलाई 2026
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भूख हड़ताल पर बैठीं नेहा बोलीं- पुलिस वांगचुक को जबरदस्ती ले गई
03:16 AM18 जुलाई 2026
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दीपके बोले- पुलिस ने सोनम सर को गालियां दीं
अभिजीत दीपके ने कहा कि आज सुबह करीब 7 बजे जब मैं बाहर टॉयलेट गया था, तभी पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। वे सोनम सर को गालियां देते हुए जबरन वहां से ले गए। एक 60 साल के शख्स जो पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और जिन्होंने कुछ भी नहीं खाया था, उन्हें दिल्ली पुलिस जबरन उठाकर ले गई। हमें नहीं पता कि उन्हें कहां ले जाया गया है।
जब मुझे इसकी जानकारी मिली और मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर जा रहा था, तब पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। ये पुलिसकर्मी नहीं हैं, बल्कि आरएसएस के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश लौटा हूं, क्या मैं कोई अपराधी हूं? ये पुलिस नहीं, आरएसएस के गुंडे हैं। जंतर-मंतर के बाहर कई विधायक-सांसद खड़े हैं, जिन्हें अंदर नहीं आने दिया जा रहा है।
02:44 AM18 जुलाई 2026
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प्रदर्शनकारी बोले- पुलिस वाले खुद को मेडिकल टीम बताकर अंदर गए
प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि आज सुबह करीब 10 पुलिसकर्मी मेडिकल टीम बताकर अंदर आए। हमें उनके हाव-भाव देखकर समझ आ गया कि वे डॉक्टर नहीं, बल्कि पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को एक तरफ हटने के लिए कहा। हम लगातार उनसे इंतजार करने की अपील करते रहे, लेकिन अचानक उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत उन्हें सोनम सर को अपने साथ ले जाना है। इसी दौरान अभिजीत शौचालय गए हुए थे। मुझे लगता है कि उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया है, इसलिए वे यहां नहीं आ पा रहे हैं और उनका फोन भी नहीं लग रहा है। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे।
02:42 AM18 जुलाई 2026
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दिल्ली डीसीपी ने वांगचुक को अस्पताल ले जाने की जानकारी दी

नई दिल्ली के डीसीपी ने X पर जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें जरूरी मेडिकल केयर के लिए हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने रुकावट डालने की कोशिश की, जिसमें थोड़ा हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने बहुत कंट्रोल रखा और सुरक्षित तरीके से काम पूरा किया।
हम जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांति से जगह खाली कर दें।
02:26 AM18 जुलाई 2026
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वांगचुक बोले- 20% शरीर खत्म पर 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि शुक्रवार को जंतर-मंतर पर उनसे मिलने पहुंचीं।
जंतर-मंतर के धरने पर बैठे वांगचुक ने शुक्रवार देर रात जारी एक वीडियो में कहा- मैं अभी जिंदा हूं। मेरा 20% शरीर चला गया है। फैट के बाद मसल्स जाएंगी। फिर दिमाग… पर अभी वो नौबत नहीं आई है।
इससे पहले उन्होंने कहा था- 20 जुलाई को हर हाल में संसद मार्च होगा और मैं जिंदा रहूंगा। लोग नहीं आए तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा।’ कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया है।
02:24 AM18 जुलाई 2026
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पक्ष-विपक्ष की अपील, वांगचुक भूख हड़ताल खत्म करें
- कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा- हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं। सत्ता में बैठी सरकार बहुत असंवेदनशील है और लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती।
- सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा- मैं खुद एक मां हूं, अखिलेश जी पिता हैं। हम बच्चों का दर्द बखूबी समझते हैं। मैं आप छात्रों का दर्द समझ सकती हूं। हम समझते हैं कि बच्चों की क्या उम्मीदें हैं, उनके क्या ख्वाब हैं।
- आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल बोले- धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए। लेकिन पीएम मोदी ऐसा करेंगे नहीं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं सोनम वांगचुक शिक्षा में कोई क्रांति न ला दें।
- जेडीयू नेता भगवान सिंह ने कहा – जेडीयू के नेता और बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि मामला हल हो या ना हो, जब वह अनशन पर हैं तो सरकार को उनकी बात सुन लेनी चाहिए। सरकार के किसी प्रतिनिधिमंडल को जाकर उनसे मिलना चाहिए।
- LJP प्रवक्ता विनीत सिंह ने कहा- उनकी जो भी मांगें हैं, उस पर सरकार विचार जरूर कर रही होगी। समय आने पर उस पर बात होगी, लेकिन मैं सोनम वांगचुक से निवेदन करना चाहूंगा कि वह अनशन को त्याग दें।
02:23 AM18 जुलाई 2026
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दीपके का दावा- वांगचुक पर हमले की कोशिश हुई
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर हमला करने की कोशिश की। उनके मुताबिक, वांगचुक की ओर पत्थर फेंका गया, लेकिन उन्हें चोट नहीं आई।
दीपके ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा- कुछ दिन पहले ही मैंने चेतावनी दी थी कि प्रदर्शन को रोकने के लिए लोगों को भेजा जाएगा। मुझे पुलिस के अंदरूनी सूत्र से इसकी जानकारी मिली थी। दीपके ने कहा- अगर वांगचुक को कुछ हुआ तो जिम्मेदारी सरकार की होगी।
CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वांगचुक भी उनके आंदोलन में शामिल हैं। CJP चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद बनी थी।
02:11 AM18 जुलाई 2026
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ऋतिक रोशन ने वांगचुक के समर्थन में पोस्ट किया

ऋतिक रोशन ने अनशन पर बैठे वांगचुक का वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया।
वांगचुक के समर्थन में एक्टर ऋतिक रोशन ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- मुझे भी छात्रों के मानसिक तनाव का एहसास तब हुआ, जब मैंने अपनी एक फिल्म में टीचर का किरदार निभाया था।


