भोपाल13 मिनट पहले
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राज्य सरकार की 2026 की नई तबादला नीति को आज मोहन कैबिनेट में मंजूरी मिलने की संभावना है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा तैयार ड्राफ्ट को मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा गया था, जिस पर बैठक में चर्चा होगी। सीएम और मंत्रियों की सहमति के बाद नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों में बदलाव नई नीति में स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों की सीमा अलग-अलग तय किए जाने का प्रस्ताव है। अब तक दोनों को एक ही कोटे में शामिल किया जाता था, जिससे प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार तबादलों में बाधा आती थी।
पुरानी नीति और सीमा व्यवस्था अब तक कुल कर्मचारियों के 10 से 15 प्रतिशत तक ही तबादलों की अनुमति दी जाती थी। इसमें स्वैच्छिक और आपसी तबादले भी शामिल होते थे, जिससे जरूरी प्रशासनिक फेरबदल प्रभावित होता था।
विभागीय नीति का अलग प्रावधान स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति हर वर्ष की तरह अलग रहेगी। इसके अलावा जनजातीय कार्य, राजस्व और ऊर्जा जैसे विभाग भी अपनी अलग नीति जारी कर सकते हैं, लेकिन मूल ढांचे से अलग व्यवस्था नहीं कर सकेंगे।
जिलों में प्रभारी मंत्री और कलेक्टर को अधिकार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले जिले स्तर पर प्रभारी मंत्री और कलेक्टर के माध्यम से किए जाएंगे। प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादलों के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी अनिवार्य होगी।
अन्य प्रस्ताव भी कैबिनेट में बैठक में जल निगम की बंडोल समूह जनपद योजना की पुनरीक्षित स्वीकृति, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जारी रखने और लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं में मूल्य दर समायोजन के प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।


