अनुग्रह नारायण शाही | देवरिया3 मिनट पहले
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देवरिया में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सड़क मरम्मत पर किए गए खर्च का विवरण सार्वजनिक करने से बच रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग को 110 सड़कों की मरम्मत के लिए 32 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से 27 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
उमानगर के आरटीआई कार्यकर्ता राघवेन्द्र सिंह राकेश ने 30 अगस्त 2024 को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव से जानकारी मांगी थी। उन्होंने देवरिया निर्माण खंड में पैच मरम्मत, सामान्य मरम्मत और विशेष मरम्मत योजना का ब्लॉकवार खर्च विवरण मांगा था। साथ ही निर्माण खंड की कैशबुक की प्रमाणित प्रति भी मांगी थी।
विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने केवल 110 सड़कों की सूची उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि कार्यों की स्वीकृति ब्लॉकवार नहीं होती और न ही ऐसा कोई रजिस्टर रखा जाता है। कैशबुक और भुगतान संबंधी दस्तावेज देने से इनकार कर दिया गया।
जन सूचना अधिकारी संजय कुमार ने सूचना न देने के लिए उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली-2015 की धारा 4(2)(ख)(एक) और 4(2)(ख)(पांच) का हवाला दिया। हालांकि नियमावली में लोक प्राधिकरण को नियमित रूप से सूचनाएं सार्वजनिक करने का प्रावधान है।
इससे पहले भी विभाग ने 512 सड़कों के ठेकेदारों को किए गए भुगतान का विवरण गोपनीय बताकर देने से मना कर दिया था। विभाग का कहना था कि इससे विभाग और ठेकेदारों की गोपनीयता भंग होगी।
आरटीआई कार्यकर्ता राघवेन्द्र सिंह राकेश का कहना है कि यदि स्वतंत्र जांच टीम गठित की जाए तो 2019-20 से लेकर 2023-24 तक सैकड़ों सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ सकती है। विभाग द्वारा बार-बार सूचना छुपाना इस बात की ओर इशारा करता है कि मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये के हेरफेर का खेल चल रहा है।

