राजस्थान शिक्षक संघ (एसटीएफआई) उपशाखा रतनगढ़ ने मुख्यमंत्री के नाम मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने सत्र शुरू होते ही बड़े पैमाने पर हुए शिक्षकों के स्थानांतरणों को रद्द करने और एक पारदर्शी स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इन तबादलों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है और शिक्षकों में भय का माहौल है। ब्लॉक अध्यक्ष भोजराज शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण और प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य चैथमल चीनिया ने कहा कि नामांकन अभियान के दौरान शिक्षकों के हटने से शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि असाध्य रोग से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के भी स्थानांतरण कर मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी की गई है। इससे शिक्षकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। सभाध्यक्ष रामचंद्र ऐचरा, उपसभाध्यक्ष महेंद्रसिंह शेखावत, संघर्ष समिति संयोजक बजरंग बिस्सू, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष बाबूलाल मुंदलिया, कार्यालय मंत्री मुकेश सैनी, शिक्षक नेता सतीश पुरोहित और रमेश महला ने बताया कि स्थानांतरणों के कारण कई विद्यालयों में शिक्षकों का गंभीर असंतुलन पैदा हो गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होगी। प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम रतनगढ़ से ओबीसी सर्वे में लगे प्रगणकों को कार्यालय समय में आवश्यक शिथिलता देने संबंधी स्पष्ट आदेश जारी करने की भी मांग की। एसडीएम ने इस संबंध में शीघ्र आवश्यक आदेश जारी करने का सकारात्मक आश्वासन दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 15 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर और 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर सुरेश जाट, सोमप्रकाश जोशी, रामनिवास, भंवरलाल जाट, वीरेंद्र सिंह और मुकेश मीणा सहित कई शिक्षक नेता मौजूद रहे।
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