नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच आगे बढ़ने के साथ हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। सीबीआई इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अभी भी कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ जारी है और गिरफ्तारी का आंकड़ा बढ़ सकता है। अब तक गिरफ्तार किए गए सात लोगों में तीन (मांगीलाल, दिनेश और विकास) जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके के हैं।
यश यादव गुरुग्राम का रहने वाला है और पेपर लीक में यह बेहद अहम कड़ी है। इसके अलावा नासिक के शुभम, अहिल्या नगर के धनंजय और पुणे की मनीषा वाघमारे को भी गिरफ्तार किया गया है। पेपर लीक की ट्रेल मनीषा तक पहुंची है। अब तक यह नहीं पता चला है कि मनीषा के पास पेपर कैसे पहुंचा था। सातों आरोपियों को पहले राजस्थान की एसओजी और स्टेट पुलिस ने हिरासत में लिया था। सीबीआई ने जब इस मामले में एफआईआर दर्ज की इसी के आधार पर अब तक इन सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुणे की मनीषा ने लीक किया पेपर
अभी तक की जांच में सामने आया पुणे की मनीषा वाघमारे ने पेपर अहिल्या नगर के धनंजय को दिया। धनंजय ने पेपर नासिक के शुभम को दिया। शुभम ने पेपर गुरुग्राम के यश यादव को दिया। यश यादव ने पेपर जयपुर के जमवा रामगढ़ में रहने वाले मांगीराम और दिनेश को दिया। मांगीराम और दिनेश ने पेपर अपने बेटे विकास को दिया। विकास सीकर में पढ़ रहा है। उसने अपने भाई ऋषि को दिया और उसके दोस्तों को बेचा।
मांगीलाल ने बेटे के लिए मांगा था पेपर
सीबीआई जांच में सामने आया कि जयपुर के मांगीलाल ने अपने छोटे बेटे के लिए लीक नीट का पेपर दिलाने की मांग की थी। इसके लिए 10 से 12 लाख रुपए की डील तय की गई थी। जयपुर के मांगीलाल और गुरुग्राम के यश यादव की बातचीत व्हाट्सएप के जरिए हुई। यश यादव ने नासिक के शुभम से पैसे के बदले लीक पेपर उपलब्ध कराने को कहा। 29 अप्रैल को नासिक के शुभम ने गुरुग्राम के यश यादव से दसवीं बारहवीं की ओरिजिनल मार्कशीट, रोल नंबर और एक चेक सिक्योरिटी के तौर पर मांगा। गुरुग्राम के यश यादव ने अपने दोस्त यश कक्कड़ को जयपुर मांगीलाल के दस्तावेज और चेक लेने भेजा।
यश ने किया पेपर लीक का दावा
नासिक के शुभम ने दावा किया कि वह फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी के करीब 500 से 600 सवाल देगा, जिससे अच्छे नंबर आ सकते हैं और बड़े मेडिकल कॉलेज में एडमिशन भी मिल सकता है। 29 अप्रैल को यश यादव को टेलीग्राम पर पीडीएफ फाइल के जरिए लीक प्रश्न पेपर मिला। यश यादव ने लीक पेपर जयपुर के मांगीलाल को दिया। मांगीलाल को 29 अप्रैल को टेलीग्राम पर पेपर मिला। मांगीलाल ने लीक पेपर की प्रिंट कॉपी अपने बेटे अमन, रिश्तेदार ऋषि और गुंजन को दे दी, जो नीट के उम्मीदवार थे। मांगीलाल ने अपने बेटे विकास के दोस्तों को भी लीक पेपर बांटे। जांच पर यह भी सामने आया कि आंसर शीट के साथ लीक पेपर दिए गए और बदले में पैसे लिए गए। सीबीआई को मांगीलाल के मोबाइल फोन से इससे जुड़े अहम सबूत भी मिले हैं।
2025 में भी बेचा था पेपर
मांगीलाल के बेटे विकास से पूछताछ में पता चला सीकर में कोचिंग के दौरान उसकी मुलाकात यश यादव से हुई थी। जांच में सामने आया कि गुरुग्राम के यश ने 2025 में विकास को 25 लाख रुपये में पेपर बेचा था। आरोप है कि इसी पेपर लीक की मदद से बिवाल परिवार के 5 भाई-बहनों का चयन हुआ। विकास, प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक — सभी ने परीक्षा पास कर सरकारी कॉलेज में एडमिशन लिया। जानकारी के मुताबिक, 2024 की परीक्षा में इन भाई-बहनों के नंबर सामान्य थे और कोई खास प्रदर्शन नहीं था, लेकिन 2025 में कथित तौर पर पेपर मिलने के बाद सभी के लगभग 98% तक अंक आए। जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के ज्यादातर बच्चों ने किसी बड़ी कोचिंग के बिना ही अचानक बहुत अच्छे नंबर हासिल किए।
ग्रेस से पास हुआ ऋषि बनने वाला था डॉक्टर
इस बार विकास के चचेरे भाई ऋषि को भी पेपर दिए जाने की तैयारी थी। ऋषि 12वीं में ग्रेस मार्क्स से पास हुआ था और उसके करीब 50% अंक थे। 10वीं में भी ऋषि के केवल 43% नंबर आए थे। एजेंसियों को शक है कि अगर पेपर लीक का मामला सामने नहीं आता, तो ऋषि की भी अच्छी रैंक आ सकती थी और उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकता था। एसओजी ने सीबीआई को राजस्थान के करीब 150 छात्रों की जानकारी दी है। आरोप है कि इन छात्रों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मांगीलाल, दिनेश और विकास से पेपर लिया था।
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