Last Updated:
Bollywood Cult Movie : बॉलीवुड में मुंबई अंडरवर्ल्ड पर कई फिल्में बनाई गईं. बहुत ही फिल्में सफल भी रहीं. कुछ फिल्में इतनी हार्ड हिटिंग और रियलिस्टिक हैं कि इन्हें देखते समय हम अंडरवर्ल्ड की दुनिया में खो जाते हैं. फिल्मों में दिखाई गई कहानी को ही हम हकीकत समझ लेते हैं. थिएटर्स से निकलने के बाद भी कैरेक्टर दिमाग से बाहर नहीं निकलते. 23 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म आई थी जो बॉक्स ऑफिस पर औसत फिल्म साबित हुई थी लेकिन आज कल्ट मूवी का स्टेटस ले चुकी है. फिल्म ने 6 फिल्म फेयर अवॉर्ड समेत 22 अवॉर्ड भी जीते थे.
मुंबई अंडरवर्ल्ड पर कुछ फिल्में तो कल्ट का स्टेटस ले चुकी है. इन फिल्मों के कहानी, किरदार, घटनाएं, लोकेशन इतनी रियलिस्टिक थी कि दर्शकों के दिमाग में घर कर गईं. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर रामगोपाल वर्मा ने 2002 में ऐसी ही एक फिल्म बनाई थी, जिसे 2000 के दशक की बेस्ट मूवी में से एक माना जाता है. यह फिल्म मुंबई अंडरवर्ल्ड की दुनिया को बहुत करीब से दिखाती है. फिल्म का नाम है : कंपनी. इस फिल्म की अपनी एक अलग से फैन फॉलोइंग है. कई फैन तो इस फिल्म को 50 से भी ज्यादा बार देख चुके हैं.

रामगोपाल वर्मा ने 90 के दशक के अंत में लोगों को एक बिल्कुल ही नए तरह के सिनेमा से परिचय कराया. यह सिनेमा बहुत ही रियलिस्टिक था. एक्शन सिक्वेंस इतने रियल थे कि रीयल और रियल का फर्क दर्शक नहीं समझ पाए. राम गोपाल वर्मा ने 1998 में सत्या बनाई. भीखू म्हात्रे का किरदार आम लोगों की जुबान तो चढ़ा ही, मनोज बाजपेयी के साथ यह नाम हमेशा के लिए जुड़ गया. उन्हें भीखू म्हात्रे के नाम से ही जाना जाने लगा. रिलीज के समय यह फिल्म फ्लॉप हो गई थी लेकिन बाद में बहुत बड़ी हिट साबित हुई. सत्या के बाद रामगोपाल वर्मा मुंबई अंडरवर्ल्ड की कहानी पर बेस्ड एक और फिल्म ‘कंपनी’ लेकर आए जो 12 अप्रैल 2002 को रिलीज हुई थी.

कंपनी फिल्म में अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, मनीषा कोइराला, अंतरा माली, मलयालम सिनेमा के दिग्गज स्टार मोहनलाल, सीमा विश्वास और आकाश खुराना नजर आए थे. फिल्म में राजपाल यादव और विजय राज जैसे एक्टर भी नजर आए थे. फिल्म की कहानी जयदीप साहनी ने लिखी थी. फिल्म का डायरेक्शन रामगोपाल वर्मा ने किया था. कंपनी फिल्म को रामगोपाल वर्मा और बोनी कपूर ने प्रोड्यूस किया था. म्यूजिक संदीप चौटाला का था. फिल्म के दो गाने ‘गंदा है धंधा है ये’ और ‘तुमसे कितना प्यार है दिल में उतरकर देख लो’ बहुत ही पॉप्युलर हुआ था.

रामगोपाल वर्मा ने अपने करियर में कई आइकॉनिक फिल्में बनाई हैं. कंपनी फिल्म 2002 में आईं फिल्मों से बिल्कुल अलग थी. करीब 8 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 25 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. 2002 में फिल्म इंडस्ट्री में डाउनफॉल देखने को मिला था. अच्छी से अच्छी फिल्में भी नहीं चल पाई. पैसे कमाने के मामले में कंपनी फिल्म 2002 में आठवें नंबर पर थी. सत्या फिल्म जहां मुंबई के लोकल गैंगस्टर्स की लाइफ पर बेस्ड थी, वहीं कंपनी में गैंगस्टर की लाइफ को काफी क्लासिक दिखाया गया. बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के बीच संबंधों को भी फिल्म में दिखाया गया.

कंपनी फिल्म की कहानी काफी हद तक रियल लाइफ इंसिडेंट्स से इंस्पायर थी. फिल्म में दिखाया जाता है कि अजय देवगन और विवेक ओबेरॉय मिलकर गैंग चलाते हैं. फिर दोनों में दुश्मनी हो जाती है. फिल्म की कहानी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन से इंस्पायर है. 90 के दशक में दोनों ने मुंबई पर राज किया. मिलकर गैंग चलाया. फिर दाऊद मुंबई से भाग गया. छोटा राजन मुंबई का बिजनेस संभालने लगा. बाद में दोनों में गलतफहमी हो गई. एकदूसरे के जानी दुश्मन बन गए. दाऊद ने छोटा राजन पर 2000 में बैकॉक में जानलेवा हमला करवाया था. बाद में 2015 में छोटा राजन को गिरफ्तार कर लिया गया था.

दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन के बीच दोस्ती-दुश्मनी की यह कहानी प्रोड्यूसर हनीफ कड़ावाला ने सुनाई थी. कड़ावाला 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों का आरोपी था. उसे 5 साल की सजा सुनाई गई थी. उसने ही संजय दत्त को एके 47 दी थी. संजय दत्त की 1993 की फिल्म ‘सनम’ को प्रोड्यूस किया था. वही टाइगर मेनन के निर्देश पर हथियार लेकर मुंबई आया था. बाद में 2001 में हनीफ कड़ावाला की हत्या उसके ऑफिस में कर दी गई थी. आरोप छोटा राजन पर लगा था.

रामगोपाल वर्मा ने हनीफ कड़ावाला की ओर से बताई गई कहानी के आधार पर कंपनी फिल्म का प्लॉट तैयार किया. इस तरह से कंपनी फिल्म में मुंबई अंडरवर्ल्ड और पुलिस का एंगल दिखाया. रामगोपाल वर्मा ने उस दौरान कई सीनियर पुलिस अफसरों से मुलाकात की. छोटा राजन और दाऊद इब्राहिम के बीच हुए गैंगवॉर की जानकारी जुटाई. वर्मा ने फिल्म का नाम ‘कंपनी’ रखा जो दाऊद की कंपनी ‘डी कंपनी’ से इंस्पायर है.

कंपनी फिल्म से विवेक ओबेरॉय ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. अपने रोल को संजीदगी से निभाने के लिए वह मुंबई के स्लम एरिया जाकर रहने लगे थे. अपने स्किन का कलर बदला ताकि रोल जस्टिफाइ हो सके. टपोरी भाषा सीखी. रामगोपाल वर्मा ने रोल देने के लिए यही शर्त रखी थी जिसे उन्होंने बखूबी पूरा किया. फिल्म में उनके किरदार का नाम चंदू था जो कि रियल लाइफ में छोटा राजन से इंस्पायर्ड था.

कंपनी फिल्म में मुंबई पुलिस कमिश्नर का रोल मोहनलाल ने निभाया जो कि मलायलम सिनेमा के सुपरस्टार हैं. यह रोल भी रियल लाइफ में मुंबई पुलिस कमिश्नर धनुषकोड़ी शिवानंदन से इंस्पायर्ड था. वह 1998 से 2001 तक मुंबई कमिश्नर रहे. इस दौरान उन्होंने दाऊद इब्राहिम, छोटा राजन और अरुण गवली जैसे खूंखार अपराधियों के गैंग का खात्मा किया. रियल लाइफ में 1600 से ज्यादा क्रिमिनल्स को पकड़ा. मकोका कानून बनवाने में मंदद की. मुंबई से ऑर्गनाइज क्राइम को खत्म करवाने के लिए प्रयास किया. पुलिसकर्मियों को कई सुविधाएं दीं. सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि रियल लाइफ में धनुषकोड़ी शिवानंदन साउथ से थे और मोहनलाल भी साउथ के सुपरस्टार हैं.

सत्या और कंपनी के बीच एक खास तरह का अंतर था. रामगोपाल वर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया था. उन्होंने बताया था, ‘जब मैं सत्या फिल्म बना रहा था तो मुझे अंडरवर्ल्ड की उतनी समझ नहीं थी. सत्या फिल्म बनाने के दौरान मैंने कुछ और कैरेक्टर्स के बारे में सुना. 1998 के बाद मुंबई अंडरवर्ल्ड के बीच गैंगवार बढ़ा. अंडरवर्ल्ड कितने संगठित तरीके से चलता है, इस पर कंपनी मूवी बनाई.’

वर्मा ने आगे बताया, ‘सत्या में आपने किसी डॉन को नहीं देखा होगा. एक प्रोड्यूसर मुझसे मिला. उसने बताया कि वो दाउद और छोटा राजन को जानता है. उसने बताया कि दोनों के बीच प्यार है और नफरत भी. इसी चीज को मैंने फिल्म में दिखाया.’

