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Bollywood stars Life Story : बॉलीवुड इंडस्ट्री को फैशन-स्टाइल की जननी कहा जाता है. बॉलीवुड फिल्मों में हमें अक्सर मॉडर्न सोसाइट, ओपन कल्चर जैसे शब्द सुनाई देते हैं. इसी से जुड़े दृश्य भी हमें दिखाए जाते हैं. यहीं से आम लोगों के मन में बॉलीवुड सितारों को लेकर तरह-तरह की धारणाएं जन्म लेती हैं. हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे 3 सितारे भी हैं जो परम मातृभक्त हैं. तीनों का बचपन बहुत ही गरीबी में बीता था लेकिन मां के आशीर्वाद से अपना नाम कमाया. इनमें से एक सुपरस्टार भी बना. आखिर कौन हैं ये सेलिब्रिटी?
बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे भी हैं जो मां के परम भक्त हैं. इसे संयोग ही कहा जाएगा कि तीन सितारों का बचपन बहुत ही गरीबी में बीता. मुश्किलों से हार नहीं मानी. किसी तरह फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली. ये तीन सितारों हैं : सुपरस्टार गोविंदा, मशहूर निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली और वेटरन एक्टर अनुपम खेर. सुपरस्टार गोविंदा के बारे में में तो यह कहा जाता है कि वो अपनी मां के चरण धोकर पीते थे. द कपिल शर्मा शो में उनकी पत्नी सुनीता अहूजा ने इसका खुलासा किया था.

बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर एक्टर्स में से एक गोविंदा अपनी डांसिंग-कॉमेडी के लिए मशहूर हैं. उनका पूरा नाम गोविंद अरुण आहूजा है. 21 दिसंबर 1963 को जन्में गोविंदा ने 165 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम किया. उनके पिता अरुण आहूजा एक्टर-प्रोड्यूसर थे. मां निर्मला देवी सिंगर थीं. गोविंदा के जन्म से कुछ महीनों पहले वह साध्वी बन गई थीं. इस बात से अरुण अहूजा इतने नाराज हुए कि गोविंदा का जब जन्म हुआ तो गोद लेने से इनकार कर दिया था. अरुण अहूजा ने कुछ फिल्में बनाईं थीं जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गईं. ऐसे में घर की आर्थिक हालत खराब हो गई और वो मुंबई का आलीशान बंगला बेचकर वो विरार के एक छोटे से घर में रहने लगे थे.

गोविंदा ने 1987 में सुनीता आहूजा से शादी की. सुनीता अहूजा उनके सगे मामा की साली थीं. गोविंदा ने कई साल तक अपनी शादी छुपाकर रखी. 1986 में ‘इल्ज़ाम’ फिल्म से डेब्यू करने वाले गोविंदा ने ‘आंखें’ ‘कुली नंबर 1’ ‘हीरो नंबर 1’ ‘दूल्हे राजा’ जैसी हिट फिल्में दीं. उनका डांस स्टाइल बहुत फेमस हुआ. कॉमेडी किंग के नाम से भी वो मशहूर हुए. गोविंदा परम मातृभक्त थे. द कपिल शर्मा शो में सुनीता अहूजा ने कहा था, ‘गोविंदा परम मातृभक्त हैं. मैंने उन्हें मां के चरण धोकर पीते देखा है. अगले जन्म में मुझे गोविंदा जैसा पति तो नहीं चाहिए लेकिन ऐसा बेटा जरूर चाहिए.’

बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर और म्यूजिक कंपोजर संजय लीला भंसाली भव्य फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने हम दिल दे चुके सनम, देवदास, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत और गंगूबाई काठियावाड़ी जैसे सफल फिल्में बनाई हैं. 24 फरवरी 1963 को मुंबई के भुलेश्वर इलाके में एक गुजराती जैन परिवार में जन्में संजय लीला भंसाली का पूरा नाम संजय नवीन भंसाली है. पिता फिल्म प्रोड्यूसर थे. फिल्में फ्लॉप हो जाने और शराब के लत के चलते घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी.

संजय लीला भंसाली का बचपन चॉल में बीता. मां ने घर चलाने के लिए थिएटर में डांस किया. संजय लीला भंसाली ने अपनी मां के संघर्ष को करीब से देखा. बाद में उन्होंने अपनी मां लीला भंसाली के सम्मान में मिडल नेम ‘लीला’ जोड़ लिया. ऐसा उदाहरण भारतीय समाज और बॉलीवुड इंडस्ट्री में कम ही देखने को मिलता है.

अनुपम खेर सिनेमा जगत के महान अभिनेता हैं. उन्होंने एक्टिंग, डायरेक्शन और फिल्म निर्माण सबमें हाथ आजमाए हैं. 7 मार्च 1955 को शिमला में जन्में अनुपम खेर ने 540 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है. अनुपम को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था. मां के मंदिर से पैसे चुराकर वो पंजाब यूनिवर्सिटी के थिएटर डिपॉर्टमेंट में पहुंचे. मेहनत रंग लाई तो एनएसडी में एडमिशन लिया. अनुमप ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में महेश भट्ट की फिल्म ‘सारांश’ से की थी. इस मूवी में उन्होंने एक 65 वर्षीय बुजुर्ग का किरदार निभाकर सबको हैरान कर दिया था.

25 अगस्त 1985 में किरण खेर से शादी की. यह दोनों की दूसरी शादी थी. किरण खेर की पहली शादी मधुमालती कपूर से शादी थी. अनुपम खेर ने 2017 में अपनी मां दुलारी खेर के लिए शिमला में एक घर खरीदा था. उन्होंने यह घर अपनी मां को एक तोहफे के तौर पर दिया था. इसकी वजह यह थी कि उनकी मां वर्षों तक किराए के मकान में रहीं. ऐसे में उन्होंने मां को घर खरीदकर दिया था. बॉलीवुड में मातृभक्ति की ऐसी मिशाल बहुत ही कम देखने को मिलती है.

