Tuesday, June 16, 2026
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नीट पेपर लीक से लिया सबक, NTA बदलने जा रहा है पूरा सिस्टम, सवालों पर रहेगा सस्पेंस


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NTA Question Bank Plan NEET JEE 2026: नीट यूजी 2026 पेपर लीक के बाद एनटीए ने बड़ा एक्शन लिया है. अब पेपर सेट करने वाले प्रोफेसर्स को भी पता नहीं होगा कि वे किस परीक्षा के लिए सवाल बना रहे हैं. नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं को फुलप्रूफ बनाने के लिए ‘जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर’ पर काम शुरू हो गया है. जानिए एनटीए का नया प्लान क्या है.

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NTA Question Bank Plan: अब नीट और जेईई के पेपर सेटर को भी सस्पेंस में रखा जाएगा

नई दिल्ली (NTA Question Bank Plan NEET JEE 2026). नीट यूजी 2026 पेपर लीक ने देश की सबसे गोपनीय परीक्षा प्रणाली की कमियां उजागर कर दी थीं. इस बड़े झटके के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अपनी साख बचाने और पूरी परीक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए बदलाव पर काम कर रही है. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनटीए की टेबल पर नया प्रस्ताव आया है, जिसके तहत नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं के लिए ‘सेंट्रल क्वेश्चन बैंक’ तैयार करने की योजना है.

इस नए प्रस्ताव की सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाली बात है कि अब परीक्षा के लिए सवाल तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) को खुद मालूम नहीं होगा कि उनकी तरफ से बनाए जा रहे सवाल नीट के लिए इस्तेमाल होंगे, जेईई के लिए या एनटीए की किसी अन्य परीक्षा के लिए. सरकार इस नए सिस्टम को लेकर गंभीर मंथन कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किसी भी एक व्यक्ति के पास पूरे प्रश्नपत्र की पहुंच को पूरी तरह खत्म करना है.

एनटीए का ‘जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर’ प्लान क्या है?

एनटीए इस समय जिस नए मॉडल पर विचार कर रहा है, उसे अधिकारी ‘जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर’ (Zero-Trust Architecture) कह रहे हैं. इसका सीधा मतलब है कि नई प्रणाली इंसानों या किसी व्यक्ति विशेष पर भरोसा करने के बजाय पूरी तरह से तकनीकी और सुरक्षित प्रक्रियाओं पर भरोसा करती है. इसके लागू होने से पेपर सेटिंग का काम किसी एक तय परीक्षा से पूरी तरह अलग (Delink) कर दिया जाएगा, जिससे अंतिम प्रश्नपत्र कैसा दिखेगा, इसकी जानकारी किसी भी एक स्तर पर लीक नहीं हो सकेगी.

सेंट्रल रिपोजिटरी से ऑटो-जेनरेट होंगे प्रश्नपत्र

नए प्लान के तहत, देशभर के चुनिंदा और दिग्गज विषय विशेषज्ञों को केवल अलग-अलग विषयों के सवाल बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. उनके तैयार किए गए सभी सवालों को बहुत बड़े ‘सेंट्रल रिपोजिटरी’ (केंद्रीय डेटाबेस) में सुरक्षित रख दिया जाएगा. जब परीक्षा का समय आएगा तो कंप्यूटर और मॉडर्न सॉफ्टवेयर के जरिए इस बड़े क्वेश्चन बैंक से रैंडमली सवाल चुनकर अंतिम प्रश्नपत्र ऑटो-जेनरेट किया जाएगा. इससे पेपर छापने और फाइनल होने की प्रक्रिया में शामिल लोगों की संख्या बेहद सीमित हो जाएगी.

NEET UG 2026 पेपर लीक और सीबीआई जांच का असर

एनटीए की तरफ से उठाया जा रहा यह कदम नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में चल रही सीबीआई की ताबड़तोड़ जांच के बाद आया है. इस हाई-प्रोफाइल लीक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी अब तक ट्रांसलेटर्स (अनुवादकों) सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच में सामने आया थी कि प्रश्नपत्र बनाने और उसके अनुवाद के बेहद गोपनीय चरण के दौरान सुरक्षा में चूक हुई थी. इसी चूक को हमेशा के लिए ठीक करने के लिए अब अगले साल की परीक्षाओं से पहले पूरे सिस्टम को बदलने की तैयारी चल रही है.

उम्मीदवारों के लिए क्या बदल जाएगा?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के इस कदम से प्रश्नपत्रों की गोपनीयता कई गुना बढ़ जाएगी. हालांकि, उम्मीदवारों के लिए परीक्षा के सिलेबस या कठिनाई के स्तर में कोई सीधा बदलाव नहीं होगा, लेकिन वे अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और लीक-मुक्त माहौल में परीक्षा दे सकेंगे. अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो भविष्य में नीट और जेईई जैसी बड़ी प्रवेश परीक्षाओं की साख पर उठने वाले सवालों पर हमेशा के लिए विराम लग सकता है.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें



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