नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार दोपहर करीब 12:03 बजे ज्वालापुरी फायर स्टेशन को सूचना मिली कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री नंबर 93/8 के सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं। फायर टीम ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान सूचना मिलते ही दो वाटर टेंडर घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम की जानकारी मिलने पर टिकरी फायर स्टेशन से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर भी भेजा गया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो। मौके पर पहुंची फायर विभगा टीम ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की मदद से बाहर निकाले गए शव सुरक्षा उपकरणों की मदद से टैंक में उतरकर मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सेप्टिक टैंक में जमा जहरीली गैस के कारण मजदूरों का दम घुट गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Source link

