दरभंगा के सिमरी थाना में नाबालिग लड़की के अपहरण मामले की जांच कर रही महिला पुलिस पदाधिकारी एसआई ज्योति कुमारी को वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने निलंबित कर दिया है। उन पर आरोपी को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए पैसे के लेन-देन की चर्चा वाले एक कथित वायरल ऑडियो को लेकर कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय पुलिस केन्द्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है। मामले को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, कमतौल शुभेन्द्र कुमार सुमन की ओर से जांच रिपोर्ट समर्पित किया गया था। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि सिमरी थाना कांड संख्या-98/26 में जांचकर्ता एसआई ज्योति कुमारी से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए पैसे लेने की बात कही जा रही है। जांच के दौरान वायरल ऑडियो में पैसे के लेन-देन को लेकर महिला दारोगा की भूमिका और गतिविधियां संदेहास्पद पाई गईं। इसके बाद एसडीपीओ ने अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट एसएसपी को भेजी थी। एसएसपी ने अनुशंसा के आलोक में कार्रवाई करते हुए SI ज्योति कुमारी को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया। सिमरी थाना क्षेत्र की एक महिला ने 18 मई की रात अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। महिला ने आवेदन में गांव के ही मो. परवेज, इमरान खान, मो. सफीउल्ला और महफूज समेत अन्य लोगों पर घर में घुसकर उसकी बेटी को जबरन ले जाने का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि घटना के समय पूरा परिवार सो रहा था और सुबह जागने पर लड़की घर से गायब मिली। मामला दर्ज होने के बाद सिमरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 19 मई को दरभंगा रेलवे स्टेशन से लड़की और एक नाबालिग युवक को बरामद किया। परिजनों के साथ जाने की इच्छा लड़की ने जताई दोनों को थाना लाया गया और 20 मई को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। कोर्ट में लड़की ने अपने परिजनों के साथ जाने की इच्छा जताई, जिसके बाद उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं नाबालिग युवक को भी कोर्ट में पेश किया गया। इसी दौरान मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। बातचीत में कथित तौर पर कहा जा रहा है, “25-30 ही तो मांगे थे, 20 भी कहां दिया…”। चर्चा बीएनएसएस की धारा 183 के तहत होने वाले बयान को प्रभावित करने को लेकर बताई जा रही है। ऑडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ सदर-2 को जांच का आदेश दिया। प्रारंभिक जांच में संदेहास्पद गतिविधियां सामने आने के बाद महिला दारोगा पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि मामले की विभागीय जांच अभी जारी है और वायरल ऑडियो की सत्यता की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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