सीमांत क्षेत्र जैसलमेर में इन दिनों सूरज के तेवर पूरी तरह से तल्ख बने हुए हैं और भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। आसमान से बरसती आग और झुलसाने वाली लू के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसलमेर के निवासियों के लिए आने वाले दिन थोड़े राहत भरे हो सकते हैं। आज शुक्रवार को भी तापमान 46 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन इसके बाद एक नया बदलाव देखने को मिलेगा। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सप्ताहांत (वीकेंड) पर धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना बन रही है, जो झुलसते जैसलमेर को तपिश से कुछ हद तक निजात दिलाएगी।आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग की ओर से किसी भी तरह का रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया गया है। दोपहर में लू ने किया परेशान जैसलमेर में स्थिति यह है कि लोग दोपहर के समय घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। दिन चढ़ने के साथ ही तेज और चिलचिलाती धूप शरीर को झुलसाने का अहसास कराने लगती है, जिसके चलते दोपहर के समय बाजारों में पूरी तरह से सन्नाटा पसर जाता है। गुरुवार को भी इस सीमांत जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप देखा गया, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राहत की बात यह है कि आगामी दिनों में तापमान में और बड़ी बढ़ोतरी की कोई आशंका नहीं है। मौसम विभाग की संभावना के अनुसार, अब अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही स्थिर रहेगा। इस बार गर्मी का चरम धीमा हालांकि मरुस्थल में 45 से 46 डिग्री तापमान भी कम नहीं होता और थपेड़े मारती लू का चलना जारी रहेगा, लेकिन आंकड़ों के लिहाज से एक बेहद रोचक बात सामने आई है। पिछले सालों के रिकॉर्ड की तुलना में इस बार जैसलमेर में गर्मी का चरम थोड़ा धीमा रहा है। मई के अंत तक जहां पारा पूर्व में 48 से 49 डिग्री को छू जाता था, इस बार वह 46 डिग्री पर ही थमता नजर आ रहा है। धूलभरी आंधियां देगी राहत इसके साथ ही, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सप्ताहांत (वीकेंड) पर धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना बन रही है, जो झुलसते जैसलमेर को तपिश से कुछ हद तक निजात दिलाएगी। प्रशासन ने आमजन को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
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