राजधानी लखनऊ में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी आकाशदीप सिंह का बिना पंजीकरण और बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) के लग्ज़री कार चलाना नियमों के गंभीर उल्लंघन के रूप में सामने आया है। मामला रक्षाबंधन के दिन का है, जब आकाशदीप ने अपने परिवार, खासकर
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रक्षाबंधन पर खरीदी ब्लैक फॉर्च्यूनर, पंजीकरण अधूरा
जानकारी के मुताबिक, आकाशदीप सिंह ने 7 अगस्त को लखनऊ के एक शोरूम से टॉप मॉडल ब्लैक फॉर्च्यूनर कार खरीदी। डीलर ने उन्हें बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट और बिना टैक्स कटे ही गाड़ी डिलीवर कर दी। फैंसी नंबर UP32 QW 0041 की बुकिंग रिसीप्ट जरूर काटी गई, लेकिन HSRP जनरेट नहीं हुई।
नियम के अनुसार, जब तक नई गाड़ी का टैक्स नहीं कट जाता, तब तक HSRP जनरेट नहीं हो सकती। जिस दिन गाड़ी डिलीवर हुई, वह शनिवार था, इसलिए टैक्स की कटौती नहीं हो पाई और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधूरी रह गई।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बीएन सिंह ने जारी किया नोटिस।
मोटरयान नियमों का स्पष्ट उल्लंघन
मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 41(6) के तहत, कोई भी डीलर तब तक वाहन ग्राहक को नहीं सौंप सकता जब तक उस पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगी हो। यह नियम सभी के लिए समान है और इसके उल्लंघन पर डीलर पर जुर्माना, साथ ही ट्रेड सर्टिफिकेट निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
ट्रैफिक पुलिस ने काटा चालान
9 अगस्त 2025 को लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आकाशदीप की कार (UP32QW0041) पर ₹5000 का ई-चालान जारी किया। चालान में साफ लिखा गया कि वाहन बिना पंजीकरण के चलाया गया। यह भी दर्ज किया गया कि वाहन पर ‘डीलर का अस्थायी अंकन’ भी नहीं था।
सोशल मीडिया से पुख्ता सबूत
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो से पुष्टि हुई कि वाहन का पंजीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण दोनों अधूरे थे। मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 41(6) साफ कहती है कि पंजीकरण पूरा हुए बिना और स्थायी नंबर मिले बिना वाहन सड़क पर नहीं चल सकता।
डीलर की पुरानी लापरवाही भी उजागर
जांच में यह भी पता चला कि लखनऊ के फैजुल्लागंज रोड स्थित सनी मोटर्स का नाम पहले भी इसी तरह के मामलों में सामने आ चुका है। 14 मई 2025 को परिवहन विभाग ने रिपोर्ट दी थी कि डीलर ने ₹39,60,000 कीमत की गाड़ी 3 जनवरी 2025 को ग्राहक को डिलीवर कर दी थी, जबकि पंजीकरण अधूरा था।
यूपी में कई डीलर निशाने पर
परिवहन विभाग ने जुलाई में ऐसे मामलों पर सख्ती करते हुए 25 डीलरों के ट्रेड सर्टिफिकेट एक माह के लिए निलंबित कर दिए थे। 50 शोरूम मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए, जिनमें से कई का जवाब असंतोषजनक होने पर उनका सर्टिफिकेट भी सस्पेंड कर दिया गया।
ARTO प्रशासन बोले – मामले में जांच कर कारवाही होगी
लखनऊ के एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह ने कहा, “क्रिकेटर आकाशदीप को बिना HSRP के गाड़ी डिलीवर किए जाने के मामले में जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर डीलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नियम सभी पर समान रूप से लागू हैं।”
उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने भी चेतावनी दी, “डीलरों को नियमों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। क्रेता कोई भी हो, गाड़ी डिलीवर करने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होनी चाहिए। अगर बिना टैक्स कटे और बिना HSRP के वाहन दिया गया है तो कड़ा एक्शन लिया जाएगा।”

