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Car Loan Tax Benefit : कार लोन पर टैक्स छूट पुरानी और नई, दोनों टैक्स व्यवस्थाओं (Tax Regimes) में उपलब्ध है. होम लोन पर कर छूट का लाभ सभी को मिलता है लेकिन कार लोन पर छूट केवल गाड़ी का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले ही उठा सकते हैं.
कार लोन पर टैक्स बेनेफिट पुरानी टैक्स व्यवस्था और नई टैक्स व्यवस्था, दोनों में उपलब्ध है. (Photo : AI)
नई दिल्ली. कार लोन भारत में आज बहुत आम बात हो गई है. बैंक बड़ी आसानी से गाड़ी के लिए फाइनेंस उपलब्ध करा देते हैं, इसी वजह से इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है. लेकिन, कार लोन लेने वाले ज्यादातर लोग नहीं जानते कि यह ऋण टैक्स बचाने में भी आपकी मदद कर सकता है. हालांकि कार लोन पर टैक्स लाभ होम लोन की तरह सीधा नहीं है, लेकिन कुछ खास शर्तों के तहत यह आपकी टैक्स देनदारी को काफी कम कर सकता है.
कार लोन पर टैक्स छूट केवल कुछ खास लोगों को ही मिलती है. आपको टैक्स छूट मिलेगी या नहीं, ये इस बात पर निर्भर करती है कि आप कार किस उद्देश्य से ले रहे हैं. भारत में निजी इस्तेमाल के लिए कार खरीदने पर लिए गए लोन पर कोई टैक्स बेनेफिट नहीं मिलता. भारत में कार लोन पर टैक्स लाभ केवल तभी मिलता है जब वाहन का इस्तेमाल व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाए.
किसे मिलेगी टैक्स छूट
लाइव मिंट की की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार लोन पर टैक्स छूट पुरानी और नई, दोनों टैक्स व्यवस्थाओं (Tax Regimes) में उपलब्ध है.
- स्व-रोजगार और बिजनेस मालिक: यदि आप एक फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील या किसी व्यवसाय के मालिक हैं तो आप कार को ‘बिजनेस एसेट’ के रूप में दिखा सकते हैं.
- वेतनभोगी कर्मचारी: सामान्य तौर पर सैलरीड क्लास को यह लाभ नहीं मिलता, लेकिन यदि वे यह प्रमाणित कर सकें कि कार का इस्तेमाल शुद्ध रूप से व्यावसायिक कार्यों के लिए हो रहा है तो वे भी छूट का दावा कर सकते हैं.
अक्सर लोग अपनी कार का इस्तेमाल ऑफिस और निजी काम, दोनों के लिए करते हैं. ऐसे में आयकर विभाग केवल व्यावसायिक उपयोग वाले हिस्से पर ही टैक्स लाभ की अनुमति देता है. उदाहरण के लिए, यदि आपकी कार 60% बिजनेस के काम आती है, तो आप खर्चों और ब्याज के केवल 60% हिस्से पर ही टैक्स लाभ ले पाएंगे. इसके लिए लॉगबुक, ईंधन बिल और मेंटेनेंस रसीदों का सटीक रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है.
कैसे मिलेगी टैक्स छूट
यदि आपकी कार व्यावसायिक संपत्ति की श्रेणी में आती है तो आप इन चार तरीकों से भारी बचत कर सकते हैं:
- लोन के ब्याज पर कटौती: कार लोन की EMI में जाने वाले ब्याज के हिस्से को ‘बिजनेस एक्सपेंस’ माना जाता है. आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय इस ब्याज की पूरी राशि को अपने मुनाफे से घटा सकते हैं.
- डेप्रिसिएशन का लाभ: एक बिजनेस एसेट होने के नाते समय के साथ कार की कीमत में होने वाली गिरावट (Depreciation) पर भी टैक्स छूट मिलती है. इसकी दरें वाहन के प्रकार पर निर्भर करती हैं.
- फ्यूल और मेंटेनेंस: कार को चलाने में होने वाले खर्च, जैसे पेट्रोल-डीजल का बिल और सर्विसिंग का खर्च भी टैक्स कटौती के दायरे में आता है.
- सेक्शन 80D के तहत छूट: कुछ विशेष परिस्थितियों में स्व-रोज़गार व्यक्ति व्यावसायिक इस्तेमाल के आधार पर अन्य कटौतियों का दावा कर सकते हैं.

