Google I/O 2026 से पहले टेक कंपनी ने करोड़ों Android यूजर्स को बड़ा तोहफा दे दिया है। गूगल ने अपने लेटेस्ट एंड्रॉइड शो में अपकमिंग फीचर्स और टूल्स की जानकारी दी है। कंपनी का सालाना डेवलपर कांफ्रेंस अगले सप्ताह 19 और 20 मई को आयोजित किया जाएगा, जिसमें Android 17 समेत गूगल के अपकमिंग टूल्स को पेश किया जाएगा। गूगल ने बढ़ रहे फर्जी कॉल्स और स्कैम का पूरी तरह से इलाज करने का फैसला कर लिया है। साथ ही, फोन चोरी होने पर उसके मिसयूज और लोकेशन ट्रैकिंग को बेहतर बनाया है।
गूगल ने बताया कि बैंकिंग स्कैम कॉल्स से यूजर्स को बचाने के लिए नए फीचर की तैयारी की जा रही है। ज्यादातर साइबर क्राइम के मामले में अपराधी खुद को बैंक का अधिकारी बनकर लोगों से बात करते हैं और उनके अकाउंट्स की डिटेल निकालकर फ्रॉड करते हैं। गूगल ने इसके समाधान के लिए नया टूल लाने का फैसला किया है। इस टूल को बेहतर बनाने के लिए कंपनी लगातार बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। इसे स्पूफिंग प्रोटेक्शन टूल का नाम दिया जाएगा, जो फर्जी कॉल्स को नेटवर्क लेवल पर ही डिटेक्ट कर लेगा।
गूगल के नए टूल
खुद डिसक्नेक्ट होंगे फर्जी कॉल्स
गूगल का यह टूल फर्जी कॉल्स आने पर उसे खुद डिसकनेक्ट कर देगा। साथ ही, यूजर्स को एक नोटिफिकेशन मिलेगा, जिसमें कहा जाएगा कि यह एक स्कैम कॉल हो सकता है। गूगल का यह टूल Android 11 या इससे ऊपर के डिवाइस पर काम करेगा। कंपनी इस साल के अंत तक कई बैंकों को अपने नेटवर्क में जोड़ा जाएगा।
थ्रेड डिटेक्शन फीचर
गूगल इसके अलावा एक थ्रेड डिटेक्शन फीचर पर भी काम कर रहा है, जो ऐप्स की एक्टिविटी पर नजर रखेगा। गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद फर्जी ऐप्स को यह डिलीट करने का काम करेगा, ताकि यूजर्स अपने फोन में इन्हें इंस्टॉल न कर सके। यह तकनीक साइबर ठगी वाले ऐप्स पर लगाम लगाने का काम करेगा। गूगल इसके लिए डायनैमिक सिग्नल मॉनटरिंग टूल का इस्तेमाल करेगा, जो ऐप द्वारा किए गए संदिग्ध एक्टिविटी और पैटर्न की पहचान करेगा। साथ ही, SMS फॉरवॉर्डिंग एक्टिविटी को भी मॉनिटर करेगा।
फोन चोरी होने की टेंशन खत्म
इन टूल्स के अलावा गूगल एक ऐसे फीचर पर भी काम कर रहा है, जो मोबाइल डिवाइस को चोरी होने से बचाएगा। यूजर अगर एक बार फोन को लॉस्ट मार्क कर देंगे तो चोर इसे कभी यूज नहीं कर पाएगा। बिना बायोमैट्रिक अनलॉक से फोन को खोला नहीं जा सकेगा। यह फीचर Android 17 के बाद से आने वाले सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में बाई डिफॉल्ट मिलेगा। इसके अलावा ऐप लोकेशन और परमिशन को भी बेहतर करने का काम किया जाएगा।
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