Friday, June 19, 2026
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कभी बंधता नहीं तो कभी पत्थर हो जाता है पेड़ा? घर पर ऐसे पाएं बिलकुल बाजार वाला टेक्सचर


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Market Like Peda Recipe At Home: घर पर पेड़ा बनाते समय कई बार बाजार जैसा टेक्सचर नहीं आता. कभी पेड़ा बंधता ही नहीं तो कभी पत्थर जैसा हो जाता है. एक्सपर्ट ने बताया कि चीनी मिलाने का समय और खोये को ठीक से घोटना बहुत जरूरी है. जानते हैं घर पर बाजार जैसा पेड़ा बनाने के लिए क्या करना चाहिए.

समस्तीपुर. घर में पेड़ा बनाना लोगों को काफी पसंद होता है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि घर पर तैयार किया गया पेड़ा बाजार जैसा खस्ता और सही टेक्सचर वाला नहीं बन पाता. कई बार यह बहुत ज्यादा सॉफ्ट हो जाता है, तो कभी इतना सख्त कि उसे तोड़ना भी मुश्किल हो जाता है. इसके पीछे कई तकनीकी कारण होते हैं, जिन पर आमतौर पर लोग ध्यान नहीं देते. खासकर दूध को पकाने की प्रक्रिया, मावा (खोआ) की नमी, चीनी मिलाने का सही समय और लगातार चलाने की विधि पेड़ा की क्वालिटी को काफी प्रभावित करती है.

कारीगरों ने साझा की जानकारी
समस्तीपुर के कारीगर सुरेश कुमार बताते हैं कि घर और बाजार में बनने वाले पेड़े के तरीके में काफी अंतर होता है. वे बड़े पैमाने पर 30 से 40 किलो या उससे अधिक दूध से पेड़ा तैयार करते हैं, इसलिए हर स्टेप पर विशेष ध्यान दिया जाता है. उनके अनुसार सबसे पहले दूध को अच्छी तरह उबालकर उसे खोया में बदलना जरूरी है. इसके बाद सही समय पर चीनी मिलाना चाहिए. वे बताते हैं कि अक्सर लोग ठंडा करते समय गलत तरीके से चलाते हैं, जिससे पेड़े का टेक्सचर खराब हो जाता है.

लकड़ी के डंडे से चलाना और सही समय तक मेहनत करना जरूरी
कारीगरों के अनुसार पेड़ा तैयार करते समय लकड़ी के डंडे (चलाने वाले उपकरण) का उपयोग करना बेहतर होता है, क्योंकि लोहे या अन्य बर्तनों से चलाने पर उसका असर टेक्सचर पर पड़ता है. जब दूध से खोया बन जाए तो आखिर में चीनी डालें और गैस से बर्तन उतार लें.

अब इस मिश्रण को लगातार 15 से 20 मिनट तक लकड़ी के डंडे या ऐसी ही किसी चीज से सही तरीके से चलाएं. यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है. जितना अच्छे से इसे चलाया जाएगा, उतना ही पेड़े का स्वाद और बनावट बेहतर होगी. विशेषज्ञ मानते हैं कि इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर घर पर भी बाजार जैसा खस्ता, स्वादिष्ट और आकर्षक रंग वाला पेड़ा आसानी से तैयार किया जा सकता है.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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