जयपुर | परकोटा क्षेत्र के सुभाष चौक इलाके के मोहल्ला पन्नीगरान में सोमवार को निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से मकान मालिक अत्ताउल्लाह मिर्जा (56) की मलबे में दबने से मौत हो गई। अत्ताउल्लाह समेत चार भाइयों का परिवार पुश्तैनी घर में साथ रहता था। हाल ही म
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घटना में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। मकान के एंट्री गेट पर छत के नीचे दूसरी छत डाली जा रही थी। 10 फीट चौड़ी, 15 फीट लंबी छत ठेकेदार ने बिना सपोर्ट डलवा दी। सिविल इंजीनियर अंकुश बताते हैं कि आरसीसी की ऐसी छत डालने के लिए 9 इंच के पिलर जरूरी हैं, ताकि कंक्रीट और आरसीसी को सपोर्ट मिल सके, जबकि यहां 6 इंची दीवार पर छत टिका दी गई। नीचे सहारे के लिए बल्लियां लगी थीं। भारी होने की वजह से छत अचानक गिर पड़ी।
{शादी से पहले मातमी शहनाई; 18 दिन ही बाद घर में होनी थी 4 बच्चों की शादी
{निर्माणाधीन मकान में हादसा, गृह प्रवेश से पहले मकान मालिक की हुई मौत, घर के इकलौते कमाऊ थे अत्ताउल्लाह
बिना तकनीकी निगरानी के डाली जा रही थी ‘एक्स्ट्रा फ्लोर’
भास्कर इनसाइट
{सवाल; परमिशन नहीं तो फिर निर्माण कैसे? पूर्व उपायुक्त दिलीप कुमार भंभानी के कार्यकाल में शुरू हुई इस बिल्डिंग के निर्माण की परमिशन नगर निगम से नहीं ली गई थी। निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
{568 से अधिक लोगों को नोटिस दे कर छोड़ा; परकोटे में 568 से अधिक बिल्डिंगों का काम चल रहा है। 90% बिना परमिशन बन रही हैं। हवामहल जोन में ही 100 से अधिक नोटिस दिए गए हैं। कार्रवाई जीरो है।
माणक चौक एसीपी पीयूष कविया ने बताया कि मोहल्ला पन्नीगरान स्थित नए घर की पहली मंजिल पर एक एक्स्ट्रा छत डाली जा रही थी। बताया जा रहा है कि ठेकेदार बिना तकनीकी निगरानी के एक्स्ट्रा फ्लोर डाल रहा था। अत्ताउल्लाह खाना खाकर निर्माण देखने आए थे। तभी हादसा हुआ। मकान में काम कर रहे मजदूर उस समय दोपहर का खाना खाने साइड में बैठे थे।
मोहल्ला पन्नीगरान में छत गिरी; परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूटा

