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देश की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवानों को अब मानसिक रूप से और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. सीआईएसएफ ने हार्टफुलनेस संस्थान के साथ पांच साल का समझौता किया है, जिसके तहत जवानों को मेडिटेशन, तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.
जवानों के दिगाम को मजबूत बनाने के लिए सीआईएसएफ ने बड़ी डील की है.
CISF News: एयरपोर्ट सहित देश की तमाम संवेदनशील यूनिट्स की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान अब सिर्फ बंदूक और बुलेटप्रूफ जैकेट के भरोसे नहीं रहेंगे. अब उनके दिमाग को भी ‘सुपर पावर’ बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. तनाव, डर, थकान और मानसिक दबाव से लड़ने के लिए सीआईएसएफ ने ऐसा कदम उठाया है, जो जवानों को अंदर से भी फौलादी बना देगा.
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था ‘हार्टफुलनेस संस्थान’ के साथ पांच साल की बड़ी डील की है. इस समझौते का मकसद जवानों की मानसिक ताकत बढ़ाना, तनाव को कंट्रोल करना और उन्हें भावनात्मक रूप से इतना मजबूत बनाना है कि मुश्किल हालात भी उनका आत्मविश्वास न तोड़ सकें.
कमांडो की तरह तैयार होगा दिमाग
सीआईएसएफ की वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब जवानों की ट्रेनिंग में सिर्फ हथियार चलाने, सुरक्षा रणनीति और फिजिकल फिटनेस पर ही फोकस नहीं होगा. पहली बार मेडिटेशन, माइंड कंट्रोल, इमोशनल बैलेंस और मानसिक मजबूती को भी ट्रेनिंग का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है. ट्रेनिंग के दौरान जवानों का शरीर ही नहीं, उनका दिमाग भी कमांडो की तरह तैयार किया जाएगा.
दरअसल, अर्धसैनिक बलों की जिंदगी बेहद कठिन होती है. महीनों तक घर से दूर रहना, हर वक्त अलर्ट मोड में ड्यूटी करना और लगातार खतरे के बीच काम करना जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है. कई बार यही दबाव तनाव और भावनात्मक थकान की वजह बन जाता है. इस समझौते के तहत देशभर में मेडिटेशन वर्कशॉप, मानसिक मजबूती के ट्रेनिंग कैंप और एक्टिव सेशन आयोजित किए जाएंगे.
जवानों के सिखाई जाएंगी नई तकनीकें
जवानों को ऐसी तकनीकें सिखाई जाएंगी, जिनसे वे तनाव को कंट्रोल कर सकें, फोकस बढ़ा सकें और मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत दिमाग से फैसले ले सकें. इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ जवान ही नहीं, उनके परिवार भी इसका हिस्सा होंगे. जवानों के बच्चों के लिए ‘ब्राइटर माइंड्स’ जैसे विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि उनका बौद्धिक विकास बेहतर हो सके.
वहीं ‘वॉयस दैट केयर्स’ हेल्पलाइन के जरिए छह भारतीय भाषाओं में मुफ्त और गोपनीय मानसिक परामर्श भी मिलेगा. वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘कान्हा शांति वनम’ में खास वेलनेस और लीडरशिप रिट्रीट आयोजित किए जाएंगे. यहां अधिकारियों को मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन और बेहतर नेतृत्व की ट्रेनिंग दी जाएगी.
ध्यान और मेडिटेशन की सरल तकनीकें दिल और दिमाग के बीच बेहतर तालमेल बनाती हैं. इससे तनाव कम होता है और व्यक्ति मानसिक रूप से रिचार्ज महसूस करता है. यह पहल जवानों को मानसिक तौर पर भी काफी मजबूत बनाएंगी. – प्रवीर रंजन, महानिदेशक, सीआईएसएफ
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें

