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Pushpam Priya Chaudhary News: बिहार चुनाव 2020 में फुल पेज इश्तेहार से मुख्यमंत्री पद का दावा करने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी 2025 के चुनाव से हो गई है गायब? बिहार में ‘बदलाव की आंधी’ बनकर आने वाली दरभंगा की बेटी…और पढ़ें
कहां गायब हो गई बिहार को यूरोप बनाने का दावा करने वाली लड़की?पटना. 8 मार्च 2020 को सुबह-सुबह जब लोगों ने अखबार हाथों में लिया, तो उन्हें एक फुल पेज विज्ञापन दिखा. उस विज्ञापन में लिखा था ‘बिहार की अगली मुख्यमंत्री पुष्पम प्रिया चौधरी’. लोग अगला पेज पलटने से पहले ही यार-दोस्तों को फोन कर पूछने लगे कि यह लड़की कौन है? कहां की रहने वाली है और किस जाति की है? शाम होते-होते पुष्पम प्रिया चौधरी मीडिया की सनसनी बन गईं. बिहार के हर शहर, खासकर पटना से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. पुष्पम प्रिया चौधरी ने साल 2020 का चुनाव भी लड़ा और उसका परिणाम किसी से छिपा नहीं है. ऐसे में एक बार फिर से पुष्पम प्रिया चौधरी चर्चा में आ गई हैं. साल 2020 में कहा था कि वह 2030 तक बिहार को यूरोप बना देंगी. अब साल 2025 में पुष्पम प्रिया चौधरी क्या कह रही हैं? क्या पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी ‘द प्लूरल्स’ की मौजूदगी नजर आ रही है?
क्यों सन्नाटा पसरा है?
बिहार की जनता ने उनके विज्ञापनों और सोशल मीडिया अभियानों को गंभीरता से नहीं लिया. कई मतदाताओं को उनकी पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न तक नहीं पता था. बिस्फी में तो नोटा को उनसे ज्यादा वोट मिले. फिर भी, पुष्पम ने हार नहीं मानी और 2025 के लिए जोर-शोर से तैयारी शुरू की. 2024 में पुष्पम ने फिर से सक्रियता दिखाई. उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘बिहार के नाम एक चिट्ठी’ लिखकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. 2025 में उनकी पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है, जिसमें 50% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. पुष्पम इस बार दरभंगा टाउन से चुनाव लड़ेंगी, जो उनका गृह क्षेत्र है.
अब कब आएगा विज्ञापन?
लेकिन 2025 में उनकी राह आसान नहीं है. 2020 की हार ने उनकी साख को ठेस पहुंचाई. बिहार की राजनीति में जातिगत समीकरण और एनडीए-महागठबंधन जैसे स्थापित गठबंधनों का दबदबा उनकी राह में बड़ा रोड़ा है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी नया चुनौती दे रही है. हालांकि पुष्पम ने 2024 में अपनी ‘महायान यात्रा’ शुरू की और बोधगया जैसे क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाया, लेकिन 2020 जैसी मीडिया हाइप इस बार नदारद है.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें

