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Snake In Train- उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर ने बताया कि कोच में सांप निकलने पर उसे छेड़ने के बजाए अपने आपको सुरक्षित करना चाहिए. आमतौर पर सांप तभी हमला करता है जब उसे खतरा महसूस होता है.
ट्रेन नंबर 15067 गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन गोंडा के आसपास आसपास थी, तभी अपर बर्थ के पैनल में यात्री को सांप दिखा. यात्रियों ने इसकी सूचना चारबाग स्टेशन पर दी. सूचना मिलने के बाद जांच टीम कोच में पहुंची और आधे घंटे तक जांच करती रही लेकिन सांप नहीं मिला. इस बीच कोच को अलग करने की बात कही गयी, लेकिन कुछ यात्री हड़बड़ी करने लगे. तो यात्रियों की सहमति से ट्रेन को आगे बढ़ा दिया गया. फिर कानपुर स्टेशन में कोच को बदला गया. इस तरह करीब पांच घंटे तक यात्रियों ने दहशत में सफर किया. हालांकि यह मामला पिछले साल का है. लेकिन बारिश के महीने में इस तरह की घटनाएं देखी गयी हैं. इसलिए भारतीय रेलवे लोगों को जागरूक कर रहा हैै.
बारिश के महीने में कोच में सांप निकलने की ज्यादा संभावना होती है, क्योंकि इस समय तमाम राज्यों में लगातार बारिश हो रही है. इसे में यार्ड या किसी स्टेशन में ट्रेन खड़ी होने के दौरान सांप आ सकता है. पिछले साल सितंबर में जबलपुर मुंबई गरीब रथ एक्सप्रेस में एसी कोच में हैंडल से सांप लिपटा था, यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट कर कोच को अलग किया गया. वहीं जबलपुर से कोटा चलने वाली दयोदया एक्सप्रेस भी एसी कोच में सांप देखा गया. सांप पकड़ने वाले आए लेकिन उन्हें सफलता नहीं िमली. फिर को अलग कर ट्रेन को रवाना किया गया.
उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर ने बताया कि कोच में सांप निकलने पर उसे छेड़ने के बजाए अपने आपको सुरक्षित करना चाहिए. आमतौर पर सांप तभी हमला करता है जब उसे खतरा महसूस होता है. अगर आपके सामाने के आसपास दिखा है तो सामान छून की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. अगर रेलवे यात्रियों को सांप वाले कोच से दूसरे कोच में शिफ्ट कर रहा है तो सामान को एक बार स्टेशन में ही खोलकर चेक करना चाहिए, उसके बाद ही दूसरे कोच में ले जाना चाहिए. रेल मदद एप पर या टिकट चेकिंग स्टाफ को तुंरत बताना चाहिए. वो आने वाले स्टेशन में सूचना देकर सांप पकड़ने की व्यवस्था कराएंगे.

