प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘रक्षा शक्ति’ के 11 साल पूरे होने पर देशवासियों को बधाई दी और भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए आधुनिकीकरण व आत्मनिर्भरता के क्रांतिकारी बदलावों पर गर्व जताया. उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत ने न सिर्फ खुद को मजबूत किया है, बल्कि दुनिया में एक सशक्त रक्षा निर्यातक के रूप में भी पहचान बनाई है.
रक्षा मंत्रालय और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की भावना को दोहराते हुए स्वदेशीकरण और नवाचार की दिशा में देश के कदम की तारीफ की है.
इसके अलावा एक अन्य पोस्ट में रक्षा मंत्रालय ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में, भारत का स्वदेशी रक्षा उत्पादन 2014 में 46,429 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 1,27,434 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 174 प्रतिशत वृद्धि है. आत्मनिर्भर भारत से आज हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिल रही है.’
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस मौके पर पोस्ट किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘पीएम मोदी के ऐतिहासिक नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हमारे भारत ने प्रत्येक आयाम में श्रेष्ठता सिद्ध की है. ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना के पराक्रम को विश्व के सामने प्रस्तुत किया है. वर्ष 2014 की तुलना में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 1,27,434 करोड़ रुपये हुआ है, वहीं भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा रक्षा उपकरण निर्यातक बन चुका है, यह 100 से ज्यादा देशों तक फैल चुका है, जो 2014 में शून्य था. हमें सैन्य प्रौद्योगिकी के मामले में नई वैश्विक पहचान मिली है.’
इस अवधि के दौरान प्रमुख उपलब्धियों में डिफेंस एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड वृद्धि शामिल है, जो हाल के वर्षों में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. इनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की सफल तैनाती, आईएनएस विक्रांत जैसे स्वदेशी विमानवाहक पोतों का कमीशन और एचएएल तेजस जैसे स्वदेशी लड़ाकू जेट का विकास शामिल है. रक्षा शक्ति के 11 साल पूरे होने का जश्न सरकार के विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी प्रमुख पहलों के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन के बढ़ावे पर जोर देने को दर्शाता है.

