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Ghar par parwal kaise ugaye: घर पर गमले में परवल उगाना आसान और मजेदार है. बस सही गमला, हल्की मिट्टी और हेल्दी बेल का टुकड़ा चुनें. रोज 5-6 घंटे धूप और नियमित पानी दें, साथ ही बेल को सहारा देकर फैलाएं. थोड़ी देखभाल और समय पर खाद देने से कुछ ही हफ्तों में ताजा और हेल्दी परवल की भरपूर पैदावार मिलेगी.
How to grow parwal at home: अगर आप अपने घर की बालकनी या छत पर ताजी और हरी-भरी सब्जियां उगाने के शौकीन हैं, तो परवल यानी पॉइंटेड गॉर्ड आपके किचन गार्डन के लिए एक शानदार ऑप्शन है. परवल स्वाद में तो लाजवाब होता ही है, साथ ही इसमें कई तरह के न्यूट्रिशन भी मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं. मार्केट से खरीदे गए परवल में कई बार केमिकल और पेस्टीसाइड की मात्रा ज्यादा होती है, ऐसे में घर पर उगाया गया परवल हेल्दी भी होगा और ताजा भी.

खास बात यह है कि इसे गमले या ग्रो बैग में आसानी से लगाया जा सकता है और ज्यादा जगह की भी जरूरत नहीं पड़ती. अगर आप सही तरीका अपनाते हैं तो थोड़े समय में ही पौधे में हरी-हरी बेलें और ढेर सारे परवल लटकते नजर आएंगे. इस आर्टिकल में हम आपको आसान और स्टेप-बाय-स्टेप गाइड देंगे जिससे आप बिना ज्यादा मेहनत के घर पर परवल उगा सकते हैं और पूरे सीजन ताजे परवल का मजा ले सकते हैं.

सही गमला और मिट्टी का चुनाव करें: परवल की बेल को फैलने के लिए थोड़ी जगह चाहिए होती है, इसलिए कम से कम 14-16 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें. अगर जगह ज्यादा है तो ग्रो बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मिट्टी हल्की और पानी निकासी वाली होनी चाहिए. गार्डन मिट्टी, गोबर की खाद और बालू को 2:1:1 के अनुपात में मिलाकर मिट्टी तैयार करें. इससे पौधे को पोषण मिलेगा और जड़ों में पानी जमा नहीं होगा.

बीज या बेल से शुरुआत करें: मार्केट में परवल के बीज मिलना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए इसे आमतौर पर बेल के टुकड़ों से लगाया जाता है. किसी हेल्दी बेल से 8-10 इंच का टुकड़ा काट लें जिसमें 2-3 नोड्स हों. अगर बीज से लगाना है तो पके हुए परवल से बीज निकालकर सुखा लें और फिर मिट्टी में बो दें.

पौधा लगाने का सही समय: परवल गर्मी और बारिश के मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है. इसे फरवरी से जून और फिर जुलाई से अगस्त के बीच लगाया जा सकता है. ठंड में इसकी ग्रोथ धीमी हो जाती है, इसलिए गर्म मौसम में प्लांटिंग करें.

पानी और धूप का ध्यान रखें: परवल को रोजाना 5-6 घंटे की सीधी धूप चाहिए होती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी आती हो. पानी नियमित दें लेकिन मिट्टी में पानी भरने न दें. गर्मियों में रोज हल्का पानी और सर्दियों में हफ्ते में 2-3 बार पानी देना काफी है.

बेल को सहारा दें: जब बेल 1-2 फुट लंबी हो जाए तो उसे सहारा देना जरूरी है. इसके लिए लकड़ी, बांस या तार का ट्रेलिस बना दें ताकि बेल ऊपर चढ़ सके और फल लटककर अच्छे से बढ़ें.

खाद और देखभाल: हर 15-20 दिन में वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की खाद डालते रहें. इससे पौधे को लगातार न्यूट्रिशन मिलता रहेगा और फल भी ज्यादा आएंगे. सूखे और पीले पत्तों को समय-समय पर काटते रहें ताकि नई ग्रोथ अच्छी हो.

कीड़े-मकोड़ों से बचाव: परवल के पौधों पर कई बार एफिड्स और सफेद मक्खियां लग जाती हैं. इसके लिए नीम के तेल का स्प्रे हफ्ते में एक बार करें. जरूरत पड़ने पर हर्बल पेस्टिसाइड का इस्तेमाल करें.

फसल कब लें: पौधा लगाने के करीब 60-70 दिन बाद फल आने लगते हैं. जब परवल हरा और टेंडर हो तो उसे तोड़ लें. ज्यादा पुराने होने पर स्वाद में कमी आ सकती है.

फायदा: घर पर उगाया परवल न केवल ताजा और हेल्दी होता है, बल्कि यह आपके किचन गार्डन को भी हरा-भरा और खूबसूरत बना देता है. साथ ही आपको मार्केट के महंगे और केमिकल वाले परवल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

