सीधी जिले के कुसमी में 20 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन सीएम राइस भवन में मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर मजदूरों को बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा जूतों के काम करने को मजबूर किया जा रहा है।
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बघेल कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार अजय सिंह बघेल को यह काम सौंपा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों से मिलीभगत के कारण यहां नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। पीआईयू शाखा के कार्यपालन यंत्री कौशल परते पर ठेकेदार को संरक्षण देने का आरोप है।
निर्माण कार्य में लगे मजदूर ठाकुर प्रताप सिंह ने बताया कि दो महीने से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिया गया। शिकायत करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। बिहार से आए मजदूर रघुवीर ने बताया कि छह दिन से लोहे को काटने और जाल बिछाने का काम कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा उपकरण नहीं मिले हैं।
उल्लेखनीय है कि यह भवन 13 प्राइमरी माध्यमिक और पंचायत के भवनों को तोड़कर बनाया जा रहा है। इन भवनों की स्थिति सही होने के बावजूद इन्हें तोड़ा गया, जिसको लेकर विवाद भी हुआ था।

कार्यपालन यंत्री का चौंकाने वाला बयान
जब इस गंभीर मामले में कार्यपालन यंत्री कौशल परते से बात की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने बोलने से साफ इंकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद माना कि “ठेकेदार बड़े आदमी हैं, मैं उनका विरोध नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मजदूर सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और जूते का उपयोग नहीं कर रहे, लेकिन फिर भी कार्रवाई करने में वे असमर्थ हैं।

