5 घंटे पहले
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पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) बाढ़ राहत के नाम पर फंड जुटाकर मुरिदके में अपने मुख्यालय का दोबारा निर्माण कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने भी इसके लिए फंड जारी किए हैं।
भारतीय वायुसेना ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर के मुख्यालय को निशाना बनाया था। इसमें ट्रेनिंग और हथियार रखने वाली तीन अहम इमारतें तबाह हुईं। इसके बाद आतंकी कैंप बहावलपुर और कसूर शिफ्ट कर दिए गए।
एजेंसियों के मुताबिक, लश्कर पहले भी 2005 के भूकंप के दौरान जमात-उद-दावा के जरिए भारी फंड जुटा चुका है। तब 80% रकम आतंकी ढांचे खड़े करने में खर्च हुई थी। अब बाढ़ राहत का बहाना बनाकर वही खेल दोहराया जा रहा है।
पाकिस्तान सरकार ने खुद 4 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है, जबकि अनुमान है कि पूरा प्रोजेक्ट 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का है। एजेंसियों के मुताबिक, लश्कर 5 फरवरी 2026 (कश्मीर सॉलिडेरिटी डे) तक मुख्यालय तैयार करना चाहता है।
लश्कर के कार्यकर्ता बाढ़ पीड़ितों की मदद के नाम पर पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं, लेकिन असल में पैसा आतंकी ठिकानों पर खर्च हो रहा है।
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जर्मनी में फिलिस्तीन के समर्थन में 12 हजार लोगों का प्रदर्शन; इजराइल को हथियार भेजने पर रोक की मांग

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में 12 हजार से ज्यादा लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जर्मन सरकार तुरंत इजराइल को हथियार भेजना बंद करे।
लोगों ने गाजा में नरसंहार रोकने और फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश की मान्यता देने की मांग की।
कई प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि उसे इजराइल पर दबाव डालना चाहिए।
दूसरी तरफ इजराइल की राजधआनी तेल अवीव में इजराइली बंधकों के परिवारों ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में कतर में हमास नेताओं पर हमला कर बातचीत को खतरे में डाल दिया।
नाटो एयर स्पेस में घुसे रूसी ड्रोन, पोलैंड के बाद रोमानिया ने तैनात किए जेट

रोमानिया ने शनिवार ने रूसी ड्रोन को रोकने के लिए F 16 फाइटर जेट तैनात किया। इसकी जानकारी रोमानिया के रक्षा मंत्री इयोनुत मोस्टेनु ने दी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के ड्रोन नाटो देशों की हवाई सीमा में घुस रहे हैं।
उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में बताया कि एक रूसी ड्रोन हमारे हवाई सीमा से घुस आया था, जिसका हमारे फाइटर जेट ने रडार से बाहर जाने तक पीछा किया।
इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि रूसी ड्रोन रोमानिया की हवाई सीमा में 10 किमी अंदर तक गए थे और 50 मिनट तक नाटो की हवाई सीमा में थे। रुस युद्ध का विस्तार कर रहा है उसके खिलाफ प्रतिबंध जरूरी है।
वहीं, स्वीडन की विदेश मंत्री मारिया माल्मर स्टेनगार्ड ने एक्स पर पोस्ट किया कि रोमानिया के हवाई सीमा का उल्लंघन, नाटो हवाई सीमा का उल्लंघन है इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रोमानिया यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य है इसकी 650 किलोमीटर सीमा युक्रेन से लगती है। इससे पहले पोलैंड भी अपने हवाई सीमा में रूसी ड्रोन को मारा था और अपनी सुरक्षा को देखते हुए फाइटर जेट तैनात किए थे।
अमेरिकी मंत्री बोले- भारत हमसे 25 किलो मक्का तक नहीं खरीदता, खुद को फ्री-मार्केट बताता है

अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने भारत की व्यापार नीतियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत खुद को फ्री-मार्केट बताता है, लेकिन अमेरिकी सामानों पर ऊंचे टैक्स लगाकर बाजार में रोक लगाता है।
लुटनिक ने एक इंटरव्यू में कहा
भारत कहता है कि उसके पास 1.4 अरब लोग हैं, लेकिन वो हमसे एक बुशल (करीब 25 किलो) मक्का तक नहीं खरीदता। अमेरिका भारतीय सामान खुले तौर पर खरीदता है, लेकिन जब हमें बेचना होता है तो दीवारें खड़ी कर दी जाती हैं।

उन्होंने भारत के रूस से सस्ता तेल खरीदने पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे वैश्विक व्यापार संतुलन बिगड़ रहा है।
हालांकि लुटनिक ने साफ किया कि मतभेदों के बावजूद अमेरिका-भारत रक्षा, तकनीक और निवेश में मजबूत साझेदार बने रहेंगे।
दूसरी तरफ अमेरिका में भारत के लिए नॉमिनेटेड नए राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ी है और अगले हफ्ते भारतीय वाणिज्य मंत्रालय का प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन जाएगा।
इजराइली PM बोले- कतर में रह रहे हमास नेताओं को खत्म करके ही जंग रुक सकेगी, इन्हें गाजा के लोगों की परवाह नहीं

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि कतर में रहने वाले हमास के नेताओं को खत्म करके ही जंग को रोका जा सकता है।
नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा,
कतर में रह रहे हमास के आतंकी लीडर्स को गाजा के लोगों की परवाह नहीं है। उन्होंने जंग को जारी रखने के लिए सीजफायर की सभी कोशिशें रोक दी हैं। उनसे छुटकारा पाकर ही हमारे सभी बंधकों को रिहा कराया जा सकेगा।

हाल ही में इजराइल ने दोहा में हमास के नेताओं पर हवाई हमले किए थे। हमास ने कहा कि उसके वरिष्ठ नेता और वार्ता दल के सदस्य इस हमले में बच गए, लेकिन पांच सदस्य मारे गए। इनमें हमास के निर्वासित गाजा प्रमुख खलील अल-हय्या का बेटा भी शामिल है। कतर ने इस हमले की निंदा की है।
कतर ने बताया कि उसका एक आंतरिक सुरक्षा बल का सदस्य भी मारा गया। हमास ने इस हमले को हत्या की साजिश करार दिया और कहा कि इससे गाजा युद्ध को खत्म करने की उनकी शर्तें नहीं बदलेंगी।
इजराइल चाहता है कि हमास सभी बंधकों को रिहा करे और अपने हथियार डाले। वहीं, हमास का कहना है कि वह तब तक सभी बंधकों को रिहा नहीं करेगा, जब तक युद्ध खत्म करने का समझौता नहीं होता और फिलिस्तीनियों को स्वतंत्र राज्य नहीं मिलता।
चीनी विदेश मंत्री ने कहा- टैरिफ जंग बढ़ाते, उन्हें सुलझाते नहीं; ट्रम्प बोले थे- नाटो देश चीन पर 100% टैरिफ लगाए

स्लोवेनिया के दौरे पर गए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि युद्ध से समस्याएं हल नहीं होतीं और टैरिफ उन्हें और बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा- ‘ना हम जंग की साजिश रचते हैं, ना शामिल होते हैं’।
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने नाटो देशों से रूस से तेल खरीदना बंद करने और चीन पर 100 % टैरिफ लगाने को कहा था।
दरअसल, ट्रम्प ने नाटो देशों को पत्र लिखकर कहा था कि रूस से तेल खरीदना नाटो की ताकत को कम करता है।
अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन चीन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चीन रूस को अपना करीबी दोस्त मानता है।
अमेरिका ने जी7 देशों (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन) से भी कहा है कि वे भारत और चीन पर रूसी तेल खरीदने का दबाव बनाएं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा था, ‘पुतिन के युद्ध को रोकने के लिए रूस की कमाई बंद करनी होगी।’ इससे पहले, वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और कहा कि दोनों देशों को बिना रुकावट के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

