लखनऊ3 मिनट पहले
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कैफी आजमी अकादमी ऑडिटोरियम में स्मृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित गुरु स्मृति कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की शानदार प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित अभिजीत राय चौधरी के सरोद वादन से हुई। उन्होंने राग श्री में झपताल और तीनताल में रचनाएँ प्रस्तुत कीं। इसके बाद राग गौरी मंजरी में अपनी प्रस्तुति का समापन किया।
उनके साथ तबला वादन में 16 वर्षीय बाल कलाकार सोहम मिश्र ने संगत दी। सोहम अपने पूर्वजों पंडित शीतल प्रसाद मिश्रा एवं डॉ. भरत कृष्ण मिश्रा के शिष्य हैं। वे लीलावती एवं पिता की तीसरी पीढ़ी के तबला कलाकार हैं।

कैफी आजमी अकादमी ऑडिटोरियम में स्मृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित गुरु स्मृति कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की शानदार प्रस्तुतियां हुईं।
राग जोगकौंस में विभिन्न बंदिशें पेश कीं
दूसरी प्रस्तुति में प्रवीण कश्यप ने राग जोगकौंस में विभिन्न बंदिशें पेश कीं। उन्होंने विलंबित ताल में ‘काहे गुमान करे तू बाबरे’ और मध्यलय में ‘जगत है समझ सपना को हूं नहीं’ गाया। द्रुत तीनताल में ‘सब घर आए’ प्रस्तुत किया। राग अड़ाना में द्रुत तीनताल से उन्होंने अपनी प्रस्तुति पूर्ण की। तबले पर उनके बेटे आराध्या प्रवीण ने संगत की।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति कन्नौज से आए पंडित कृष्ण चंद्र गुप्ता ने विचित्र वीणा पर दी। उन्होंने राग गवती का आलाप, झाला और तीनताल में दो रचनाएँ प्रस्तुत कीं। तबले पर लखनऊ के प्रख्यात वादक पंडित रविनाथ मिश्रा ने संगत की।कार्यक्रम का उद्घोष राजेंद्र विश्वकर्मा ने किया। इस संगीतिक संध्या में लखनऊ के प्रमुख शास्त्रीय कलाकार और संगीत प्रेमी मौजूद रहे।

