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Rajasthan 5kg LPG Cylinder Price News: राजस्थान में गैस आपूर्ति सामान्य होने के बीच 5 किलो के छोटे सिलेंडर की कीमतों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. 123 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रही यह गैस घरेलू सिलेंडर (64.50 रुपये/किलो) से लगभग दोगुनी महंगी है. प्रवासी मजदूरों के लिए केवल एक आईडी कार्ड पर उपलब्ध यह सुविधा ‘अनलिमिटेड रिफिल’ के नाम पर जेब पर भारी पड़ रही है. वर्तमान में प्रदेश में हर दिन 2.80 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है और कंपनियों ने घरेलू गैस की बुकिंग के लिए 25 दिन का समय तय किया है. नए घरेलू कनेक्शनों पर रोक के कारण मजबूरन लोग महंगे छोटे सिलेंडर खरीद रहे हैं.
राजस्थान 5 किलो गैस सिलेंडर कीमत 2026
Rajasthan 5kg LPG Cylinder Price News: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चले तनावपूर्ण माहौल के एक महीने बाद अब राजस्थान में एलपीजी गैस की स्थिति सामान्य होने लगी है. प्रदेश के उपभोक्ताओं को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अब समय पर मिलने लगी है. तेल कंपनियों ने आपूर्ति सुचारू करने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन इस बीच 5 किलो के छोटे गैस सिलेंडर (Free Trade LPG – FTL) की कीमतों ने प्रवासी मजदूरों और कामगारों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि कंपनियों ने इसे केवल एक आईडी कार्ड पर उपलब्ध कराकर और अनलिमिटेड रिफिलिंग की छूट देकर सुलभ बनाया है, लेकिन इसकी प्रति किलो लागत घरेलू और यहां तक कि कमर्शियल सिलेंडर से भी कहीं अधिक है.
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में 5 किलो के छोटे सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए उपभोक्ताओं को 616 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. इस हिसाब से 1 किलोग्राम गैस की कीमत करीब 123 रुपये बैठती है. इसके विपरीत, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 916.50 रुपये है, जिसमें प्रति किलो गैस की दर महज 64.50 रुपये पड़ती है. वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2106 रुपये है, जिसकी प्रति किलो लागत 111 रुपये है. स्पष्ट है कि मजबूरी में छोटा सिलेंडर लेने वाले मजदूरों को घरेलू गैस के मुकाबले लगभग दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है. कंपनियों का तर्क है कि बिना स्थाई कनेक्शन वाले प्रवासियों के लिए यह ‘अनलिमिटेड रिफिल’ सुविधा किल्लत से बचाती है, लेकिन आर्थिक रूप से यह उन पर बड़ा बोझ है.
आपूर्ति के नियम और 5 किलो सिलेंडर की उपलब्धता
प्रदेश में एलपीजी की कमी के चलते वर्तमान में घरेलू गैस बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल अनिवार्य किया गया है. वहीं कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता अब भी कुल खपत का केवल 70 प्रतिशत ही बनी हुई है. इसके उलट, 5 किलो के छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता को पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर पूरी तरह ‘अनलिमिटेड’ कर दिया गया है. कोई भी व्यक्ति जब चाहे अपनी जरूरत के अनुसार इसे रिफिल करवा सकता है. इसी ‘सुविधा’ के बदले लोगों को अतिरिक्त दाम देने पड़ रहे हैं. पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए कंपनियों ने नए घरेलू कनेक्शनों पर फिलहाल रोक लगा रखी है, जिससे नए उपभोक्ता छोटे सिलेंडर की ओर रुख करने को मजबूर हैं.
डिजिटल बुकिंग की ओर बढ़ता राजस्थान
गैस कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में हर दिन 2.80 लाख से ज्यादा घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग आ रही है और उतनी ही सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है. राहत की बात यह है कि अब उपभोक्ताओं में पैनिक बुकिंग की समस्या कम हुई है. वर्तमान में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से बुकिंग हो रही है, लेकिन रुझान पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहा है. कंपनियों का लक्ष्य है कि आने वाले समय में 100 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से ही हो. जैसे ही गैस स्टॉक की स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी, घरेलू गैस के नए कनेक्शन देने की प्रक्रिया फिर से बहाल कर दी जाएगी. तब तक प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो का महंगा सिलेंडर ही एकमात्र विकल्प बना हुआ है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

