अभिषेक जैन | मैनपुरी2 मिनट पहले
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मैनपुरी के शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाए गए हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने 13वें वित्त आयोग के टाइड और अनटाइड फंड का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आमजन को साफ-सफाई, जलापूर्ति, सड़क और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। नगर पालिका और नगर पंचायतों को उपलब्ध कराई गई धनराशि से होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सामग्री खरीद में शासनादेश की शर्तों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी गई प्रत्येक सामग्री का स्टॉक रजिस्टर में अनिवार्य रूप से अंकन हो और निष्प्रयोज्य सामग्री की नीलामी निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाए। इसके अतिरिक्त, अनटाइड फंड से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्र के वे विद्यालय जो 19 निर्धारित बिंदुओं पर संतृप्त नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल किया जाए। विशेष रूप से जिन स्कूलों में बाउंड्रीवॉल की तत्काल आवश्यकता है, वहां निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद मैनपुरी को अनटाइड मद में 2.76 करोड़ रुपये और टाइड मद में 4.14 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। इसके अतिरिक्त, भोगांव, करहल, बेवर, घिरोर, किशनी, कुरावली, कुसमरा और ज्योति खुडिया नगर पंचायतों को भी लाखों रुपये जारी किए गए हैं।
इस फंड का उपयोग नाली, सीसी रोड, खड़ंजा निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पाइपलाइन विस्तार, नए ट्यूबवेल, वाटर कूलर, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन, डस्टबिन, सामुदायिक शौचालयों में हैंड ड्रायर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जैसे कार्यों के लिए किया जाएगा। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, नगर निकायों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

