प्रतापगढ़ में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर माली समाज के तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली गई। सत्यशोधक समाज के संस्थापक महात्मा फुले ने अपने जीवनकाल में अंधविश्वास, पाखंड और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने समाज के गरीब, पिछड़े, शोषित वंचित वर्ग तथा महिलाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाई। सांवरिया जी मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा माली समाज के तत्वावधान में माली खेड़ा स्थित सांवरिया जी मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़े शामिल थे। महिला, पुरुष और बच्चों ने इस यात्रा में भाग लिया। यह यात्रा माली खेड़ा के प्रमुख मार्गों से होते हुए नीमच नाका मार्ग से गुजरी और कालका माता मंदिर पर समाप्त हुई। कालका माता मंदिर पहुंचने पर समाजजनों ने महात्मा फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और आरती उतारी। इस दौरान उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा फुले के जीवन दर्शन और समाज सुधार में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में समाजजनों द्वारा सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
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