बेतिया नगर निगम बोर्ड की शनिवार को आयोजित बैठक लगातार दूसरी बार स्थगित हो गई। नगर निगम कार्यालय और बोर्ड सदस्यों के बीच बढ़ते तनाव और विकास कार्यों में रुके होने के कारण पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया। बैठक की अध्यक्षता कर रही महापौर गरिमा देवी सि
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पार्षदों का रोष, बैठक का बहिष्कार
बैठक आरंभ होते ही पार्षदों ने यह कहकर बैठक का बहिष्कार कर दिया कि नगर निगम बोर्ड की आज की बैठक का कोई औचित्य नहीं है। उनका कहना था कि पूर्व में पारित योजनाओं का क्रियान्वयन नगर निगम कार्यालय द्वारा नहीं किया जा रहा है, इसलिए नए एजेंडा पर चर्चा करना व्यर्थ है।
पार्षदों ने बताया कि जनवरी 2024 से अब तक हुई बैठकों में कई विकास योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बावजूद उनका कार्यान्वयन नहीं हो पाया। इसके कारण नगर निगम क्षेत्र का विकास अवरुद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2025 की भारी बरसात में नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों को जलजमाव और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा, जबकि करोड़ों की राशि उपलब्ध थी।
महापौर ने बैठक स्थगित की
पार्षदों के आक्रोश के बाद बैठक की अध्यक्षता कर रही महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बैठक को स्थगित कर दिया। इसके बाद महापौर और नगर आयुक्त लक्ष्मण तिवारी अपने कार्यालय कक्ष में चले गए। इससे स्थाई सशक्त कमेटी की पास की गई योजनाओं को बोर्ड से स्वीकृति नहीं मिल सकी, और किसी वार्ड पार्षद के विकास योजना संबंधित आवेदन भी नहीं लिए जा सके।
सांसद और एमएलसी भी लौटे बिना बैठक के
बैठक में शामिल होने के लिए एमएलसी बीरेन्द्र नारायण सिंह भी पहुंचे, लेकिन बैठक स्थगित होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। वहीं, पश्चिमी चंपारण के सांसद डा. संजय जायसवाल भी नगर निगम पहुंचे, लेकिन उनके आने से करीब 25 मिनट पहले ही बैठक स्थगित हो चुकी थी।
सांसद ने मीडिया से कहा कि उन्हें बैठक स्थगन का कारण पता नहीं है और नगर आयुक्त से जानकारी लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे बेतिया शहर के विकास योजनाओं को पारित कराने आए थे, लेकिन शहर में जलजमाव जैसी समस्याओं के बीच बैठक स्थगित होने से निराशा हुई।
महापौर का रजिस्टर को लेकर नाराजगी
बैठक के दौरान महापौर गरिमा देवी सिकारिया सभाकक्ष से बाहर निकल गई और उपनगर आयुक्त व नगर प्रबंधक से रजिस्टर नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा, “रजिस्टर कहां है? आप फोन क्यों नहीं उठा रहे?” इसके बाद महापौर ने पुनः सभाकक्ष में प्रवेश किया।
वार्ड पार्षदों ने जताई नाराजगी
बैठक स्थगित होने के बाद कई वार्ड पार्षद सभाकक्ष से बाहर निकलकर नाराजगी व्यक्त करने लगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र का विकास अवरूद्ध है और प्रशासनिक उदासीनता के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। नाराजगी जताने वाले पार्षदों में मो. एनाम, रूही सिंह, राजकुमार आदि शामिल थे।


