Last Updated:
आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ को लेकर दर्शकों का मिला-जुला रिएक्शन आ रहा है. मुदस्सर अजीज के निर्देशन में बनी फिल्म एक सिचुएशनल कॉमेडी है. जहां कुछ दर्शकों ने इसे एक बेहतरीन फैमिली एंटरटेनर और सोशल मैसेज वाली फिल्म बताया है, वहीं कुछ को इसकी स्क्रिप्ट कमजोर और औसत लगी. फिल्म में आयुष्मान के अभिनय की तारीफ हो रही है, जबकि सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और वामिका गब्बी के काम को लेकर राय बंटी हुई है. यह फिल्म एंटरटेनमेंट के साथ-साथ रिश्तों में गलतफहमियों को दूर करने और बिना जांच-पड़ताल के किसी नतीजे पर न पहुंचने का मैसेज देती है.
फिल्म में आयुष्मान खुराना के अलावा 3 हीरोइन अहम रोल में हैं.
नई दिल्ली: आयुष्मान खुराना की नई फिल्म ‘पति-पत्नी और वो 2’ अब सिनेमाघरों में आ चुकी है और इसे लेकर दर्शकों के बीच एक मिली-जुली बहस छिड़ गई है. प्रयागराज के इर्द-गिर्द पर बनी इस सिचुएशनल कॉमेडी में आयुष्मान ने एक वन विभाग के अधिकारी का रोल निभाया है, जिसकी सीधी-सादी शादीशुदा जिंदगी में गलतफहमियां ऐसा रायता फैलाती हैं कि हंसी के फव्वारे छूटने लगते हैं. सोशल मीडिया पर तो फिल्म को लेकर काफी चर्चा थी, लेकिन थिएटर से बाहर निकल रहे दर्शकों की राय थोड़ी बंटी हुई नजर आ रही है. कुछ लोग फिल्म की सादगी और कॉमिक टाइमिंग के दीवाने हो गए हैं, तो कुछ को फिल्म की कहानी में वो पुरानी वाली बात नजर नहीं आई.
फिल्म के कलाकारों की बात करें तो आयुष्मान खुराना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे आम आदमी के किरदारों के ‘ड्रीम बॉय’ क्यों कहे जाते हैं. वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह के अभिनय की भी काफी तारीफ हो रही है, हालांकि सारा अली खान के काम को लेकर कुछ दर्शकों को लगता है कि वे और बेहतर कर सकती थीं. संगीत को आज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो काफी कैची लग रहा है. वहीं, कुछ दर्शकों ने फिल्म की तुलना कपिल शर्मा की फिल्म ‘किस-किस को प्यार करूं’ से भी कर डाली और कहा कि स्क्रिप्ट थोड़ी और कड़क हो सकती थी, क्योंकि उन्हें कहीं-कहीं कहानी घिसी-पिटी लगी.
फैमिली एंटरटेनर बता रहे ज्यादातर लोग
इन सबके बीच, फिल्म को एक बड़ा वर्ग ऐसा भी मिला है जो इसे एक ‘कम्प्लीट फैमिली एंटरटेनर’ मान रहा है. दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म सिर्फ हंसाती ही नहीं, बल्कि एक बहुत गहरा और जरूरी सामाजिक संदेश भी देती है. फिल्म हमें सिखाती है कि बिना सोचे-समझे किसी भी बात पर भरोसा करना या तुरंत फैसले पर पहुंचना रिश्तों के लिए कितना खतरनाक हो सकता है. सच्चाई की जांच-पड़ताल करना हर रिश्ते में जरूरी है. कुल मिलाकर, अगर आप आयुष्मान खुराना के फैन हैं और वीकेंड पर अपनी फैमिली के साथ कुछ हल्का-फुल्का और मजेदार देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक बार देखने लायक तो जरूर है.
About the Author

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें

