शिवहर जिले के पुरनहिया प्रखंड के बसंत जगजीवन पंचायत के गढ़वा गांव निवासी अशोक कुमार शाह नई तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। वे लगभग 5 कट्ठा जमीन में मल्चिंग पेपर के माध्यम से प्याज की खेती कर रहे हैं।
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किसान ने मल्चिंग पेपर से खेती की विधि बताई
अशोक कुमार शाह ने मल्चिंग पेपर से खेती की विधि बताई। उन्होंने कहा कि सबसे पहले खेतों की जुताई और गुड़ाई अच्छी तरह से करके मिट्टी को भुरभुरा कर लिया जाता है। इसके बाद मिट्टी पर मल्चिंग पेपर बिछाया जाता है।
मल्चिंग पेपर बिछाने के बाद उसके नीचे वर्मी कंपोस्ट खाद का प्रयोग किया जाता है। फिर मल्चिंग पेपर में बने छिद्रों के अंदर प्याज के पौधों का प्रतिरोपण कर रोपाई की जाती है।
रोपाई के बाद मल्चिंग पेपर के दोनों किनारों पर गड्ढेनुमा नाले बनाए जाते हैं। जब प्याज को सिंचाई की आवश्यकता होती है, तो इन नालों में पानी भर दिया जाता है।
इससे पानी धीरे-धीरे रिसकर प्याज के चारों ओर नमी पहुंचाता है, जिससे प्याज का विकास होता है और उसका आकार भी बड़ा होता है।
मल्चिंग पेपर से खेती के फायदे भी गिनाए
अशोक कुमार शाह ने मल्चिंग पेपर से खेती के फायदे भी बताए। उनके अनुसार, इस विधि से खरपतवार लगभग न के बराबर होते हैं, जिससे बार-बार गुड़ाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे प्याज की पैदावार अच्छी होती है।

