दीपावली पर्व पर सुबह से फूल, केले के पत्ते पूजन सामग्री की दुकानें लगी।
रोशनी का त्योहार दीपोत्सव आज सोमवार को नर्मदापुरम में हस्त नक्षत्र में मनाया जा रहा है। घर, मंदिर और प्रतिष्ठान बिजली व दीपों की रोशनी से जगमग हो गए हैं, जहाँ शाम को शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन होगा। पर्व को लेकर सुबह से ही बाजारों में फूल, माला समे
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सुख-समृद्धि के लिए होगा पूजन, सजे आंगन शाम को लोग परंपरा और आस्था के साथ धन व समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। पूजन के साथ ही पटाखे फोड़े जाएंगे और आतिशबाजी होगी। उमंगों की लड़ियां जलाई जाएंगी। घरों के आंगन रंगोली से सज गए हैं। त्यौहार को लेकर सुबह से शाम तक बाजार में भारी भीड़ रही।
हस्त नक्षत्र में अमावस्या, शुभ संयोग आचार्य सोमेश परसाई ने बताया कि इस बार दीपावली पर हस्त नक्षत्र है। शास्त्र अनुसार इसे शुभ नक्षत्र माना गया है, जो सभी लोगों के लिए शुभ रहेगा। अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, 20 अक्टूबर को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या का संयोग बन रहा है, जो शाम 3 बजकर 44 मिनट से आरंभ होगा।
इसलिए आज मनाई जा रही दिवाली आचार्य परसाई के अनुसार, संध्या समय में यदि प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाए तो उस दिन दीपावली नहीं मनाई जाती, क्योंकि प्रतिपदा में दीपावली का धार्मिक महत्व नहीं होता है। इसी कारण 20 अक्टूबर को ही पर्व मनाया जा रहा है।

फूल माला की खरीददारी दिनभर चली।
यह है पूजन का शुभ मुहूर्त गणेश-लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर की शाम 07 बजकर 08 मिनट से रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस वर्ष पूजन का कुल समय 1 घंटा 11 मिनट का रहेगा।
बन रहे दो बड़े शुभ संयोग इस दिवाली पर सूर्य, मंगल, बुध का गोचर तुला राशि में रहेगा। वहीं, कर्क राशि में गुरु का उच्च गोचर होने से ‘हंस महापुरुष योग’ बन रहा है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति ज्ञानी, बुद्धिमान, धनी, धार्मिक और समाज में सम्मानित होता है। इसके साथ ही सूर्य और बुध की युति से ‘बुद्धादित्य योग’ भी बन रहा है, जो एक बहुत ही शुभ योग है।


