शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़कों को पूरी चौड़ाई (वॉल-टू-वॉल) में विकसित करने के लिए नगर परिषद ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। रोड नंबर 2 पर लंबे समय से काबिज अतिक्रमणों को हटाया गया।
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हालांकि, इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के विरोध और प्रशासन पर भेदभाव के आरोपों के कारण माहौल गरमाया रहा।
सुबह 8 बजे अचानक शुरू हुई कार्रवाई
नगर परिषद की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे ही मौके पर पहुंच गई। परिषद ने पहले ही सर्वे कर जी लाल पंप से लेकर जेके मोदी बालिका स्कूल तक के 1.7 किलोमीटर के दायरे में 80 से अधिक स्थानों को लाल निशान लगाकर चिन्हित किया था।
अशोक होटल और बी.डी.के. (BDK) अस्पताल के पास यहाँ सड़क किनारे बने अवैध चबूतरे और रैंप तोड़े गए।
सड़क सीमा में खड़े पुराने वाहनों के कबाड़ को जब्त किया गया। रास्ते में बाधा बन रहे खोखे, भट्टियां और तंदूर हटाए गए।
अतिक्रमण हटाई नगर परिषद की टीम
पक्षपात और भेदभाव के लगे गंभीर आरोप
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन ने सुबह 10 बजे का समय दिया था, लेकिन कार्रवाई 8 बजे ही शुरू कर दी गई, जिससे दुकानदारों को अपना सामान हटाने का मौका नहीं मिला। निवासियों का आरोप है कि रसूखदारों के अतिक्रमणों को छोड़ दिया गया, जबकि छोटे दुकानदारों की सीढ़ियां और रैंप तोड़ दिए गए।
नगर परिषद के आयुक्त देवीलाल बोचलिया ने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष है।

करवाई के वक्त विरोध करती भीड़
उन्होंने बताया कि मुनादी के माध्यम से सभी को पहले ही सूचित कर दिया गया था। अतिक्रमण हटाने से पहले स्वामित्व के दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन किसी भी व्यक्ति ने वैध कागज पेश नहीं किए। सड़क को ‘वॉल टू वॉल’ साफ करना शहर के विकास के लिए आवश्यक है।”

