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जिले में कानून-व ्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित लगातार सख्त और प्रभावी कदम उठा रहे हैं।
ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों को जहां एसपी द्वारा सम्मानित और प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं कार्य में लापरवाही, अनुशास नहीनता और शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर बिना किसी देरी के कठोर कार्रवाई भी की जा रही है। इसी क्रम में कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में थावे थानाध्यक्ष वरुण झा को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों के बीच यह संदेश गया है कि जिले में अब जवाबदेही से समझौता नहीं किया जाएगा। एसपी अवधेश दीक्षित ने कहा कि अनुशास नहीनता और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का पहला कर्तव्य जनता की सेवा और सुरक्षा है, इसमें कोताही करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। एसपी ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि किसी स्तर पर अनियमितता, भ्रष्टाचार या कर्तव्य में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मी के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। एसपी की इस सख्त लेकिन न्यायसंगत कार्यशैली से जिले के लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है। आम लोगों का मानना है कि अब थानों में मनमानी और रिश्वतखोरी पर लगाम लग रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एसपी की नजर हमेशा उन पुलिस पदाधिकारियों पर रहती है, जो थाने में बैठकर अवैध वसूली या शिकायतों को दबाने का प्रयास करते हैं।
खास बात यह है कि एसपी का सरकारी मोबाइल नंबर आम जनता के लिए हमेशा सक्रिय रहता है। इससे पीड़ित लोग बिना किसी भय या संकोच के सीधे पुलिस अधीक्षक से वन-टू-वन अपनी समस्या साझा कर पा रहे हैं। कई मामलों में लोगों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई भी हुई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। दो दिन पहले जादोपुर थाना क्षेत्र में घटी एक घटना को लेकर भी एसपी की सक्रियता सामने आई। बताया जाता है कि संबंधित थानाध्यक्ष उस घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे थे। जैसे ही स्थानीय लोगों ने इस संबंध में एसपी को सूचना दी, उन्होंने स्वयं थानाध्यक्ष से घटना की विस्तृत जानकारी ली और पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि जिले में अब किसी भी स्तर पर लापरवाही या जानकारी छिपाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। एसपी की इस निष्पक्ष और कठोर कार्यप्रणाली से न केवल पुलिस महकमे में अनुशासन कायम हो रहा है, बल्कि आम जनता में भी यह भरोसा जगा है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा ।

