गुजरात की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली साबरमती केंद्रीय जेल से एक कैदी फरार हो गया। कुख्यात कैदी रमाभाई परमार हत्या और पॉक्सो के आरोप में आजीवन कैद की सजा भुगत रहा था।
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साबरमती केंद्रीय जेल में जेलर देवदत्तसिंह गोहिल ने शिकायत दर्ज कराई है कि जेल के बड़ा चक्कर यार्ड नंबर 4 में कुल 33 कैदी रखे गए थे। जब गिनती में केवल 32 कैदी पाए गए, तो पता चला कि रमाभाई परमार लापता है।
जेल परिसर और आसपास तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं मिला। सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें परमार को जेल कर्मचारियों को चकमा देते हुए बड़ा चक्कर यार्ड से मेन गेट से बाहर निकलते देखा गया।
2025 से जेल के बड़ा चक्कर खंड में कैद था
अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल का एरियल व्यू।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक कैदी राज्य की हाईटेक सिक्योरिटी वाली जेल से इतनी आसानी से कैसे फरार हो गया। परमार कोई साधारण कैदी नहीं था। उसके खिलाफ 2023 में पोरबंदर के कमलबाग पुलिस स्टेशन में हत्या और पॉक्सो समेत कई गंभीर अपराध दर्ज किए गए थे।
साल 2025 में अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई था। पहले उसे कुछ दिनों पोरबंदर और इसके बाद राजकोट जेल में स्थानांतरित किया गया था। करीब 6 महीने बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे साबरमती केंद्रीय जेल शिफ्ट किया गया था। 2025 से ही वह साबरमती जेल के बड़ा चक्कर खंड में बंद था।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है: पीआर राणीम पुलिस स्टेशन के पीआई बीआर रबारी ने बताया कि कैदी जेल से निकलने के बाद किस दिशा में भागा इसकी जांच की जा रही है। जेल के बाहर लगे कई सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
साबरमती जेल और विवाद एक सिक्के के दो पहलू हैं

अतीक अहमद ने भी इसी जेल में रहते हुए वीडियो कॉल करके राजू पाल की हत्या करवा दी थी।
साबरमती जेल और उससे जुड़े विवाद कई बार सामने आ चुके हैं। जेल में कॉल करने से रोकने के लिए जैमर की व्यवस्था है, लेकिन फिर भी दूसरे राज्यों की पुलिस की जांच में कई बार पता चला है कि जेल से कई फोन और यहां तक कि वीडियो कॉल भी होते रहे हैं।
यूपी के गैंगस्टर अतीक अहमद ने भी इसी जेल में रहते हुए वीडियो कॉल करके राजू पाल की हत्या करवा दी थी। उसका पूरा वीडियो उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच में भी सामने आया था। इस मुद्दे के गर्माने के बाद अतीक अहमद को साबरमती जेल से यूपी ले जाया गया था, जहां उसकी हत्या हो गई थी।
इसी जेल में सुरंग खोदने का मामला सामने आया था

2012 में अहमदाबाद बमकांड के कैदियों ने 213 मीटर सुरंग खोद ली थी।
इससे पहले फरवरी 2012 में साबरमती जेल में अहमदाबाद बमकांड के कैदियों द्वारा सुरंग खोदे जाने का खुलासा हुआ था। यह सुरंग बैरक नंबर 4 से खोदी गई थी। शुरुआत में जेल प्रशासन ने सुरंग की लंबाई करीब 42 फीट बताई थी, लेकिन बाद में हुई जांच में सुरंग की लंबाई 213 मीटर होने की बात सामने आई थी।
यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी सुरंग के रास्ते आराम से फरार हो सकते थे, लेकिन एन वक्त पर सुरंग खोदे जाने का भंडाफोड़ हो गया था। आरोपी सुरंग की मिट्टी को बैरक के पास की क्यारियों में बिछा देते थे। इतने पर भी जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी थी।
बम कांड के आरोपियों ने फरार होने के लिए जेल में सुरंग खोदी है। इसकी भनक लगने के बाद अधीक्षक के निर्देश पर जेलरों ने सुरंग को बंद करने की कोशिश भी की थी। इस मामले में जेल अधीक्षक आर.जे. पारघी, तीन जेलर समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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