कैमूर के सदर अस्पताल, भभुआ में लंबे समय से सक्रिय दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने सख्त रुख अपनाया है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह “दलालों से सावधान” लिखा पोस्टर लगाया गया है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सतर्
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अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत पर भी होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई भी अस्पताल कर्मी दलालों से संपर्क में पाया गया या उनकी मिलीभगत का कोई भी प्रमाण सामने आया, तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल की छवि और मरीजों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रूटीन बैठक में गार्ड्स को मिली जिम्मेदारी
डॉ. रजक ने बताया कि यह बैठक रूटीन आधार पर आयोजित की गई है। इसमें सुरक्षा गार्ड्स को प्रशासनिक हिस्सों, ओपीडी, इमरजेंसी और अस्पताल परिसर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की सघन निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।गार्ड्स को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई दलाल परिसर में घूमता दिखे, तो उसे तुरंत बाहर निकालें और इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दें।
पहले भी पुलिस को सौंपे जा चुके हैं दलाल
सिविल सर्जन ने बताया कि इससे पहले भी दलालों को चिन्हित कर पुलिस के हवाले किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में दलालों की मौजूदगी मरीजों के लिए बेहद नुकसानदायक है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मरीजों को निजी अस्पताल भेजकर होता है आर्थिक शोषण
डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि दलाल मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह कर उन्हें निजी अस्पतालों में भेज देते हैं, जहां उनका आर्थिक शोषण किया जाता है। इससे सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ जरूरतमंद मरीजों तक नहीं पहुंच पाता।इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस के प्रवेश पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
इमरजेंसी और ओपीडी में रहेगी विशेष सतर्कता
सिविल सर्जन ने सुरक्षा गार्ड्स को निर्देश दिया कि वे इमरजेंसी और ओपीडी में विशेष रूप से सतर्क रहें। किसी भी अनधिकृत वाहन या संदिग्ध व्यक्ति को अस्पताल परिसर में प्रवेश न करने दें।यदि कोई दलाल चेतावनी के बावजूद नहीं मानता है, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना देकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आम जनता से की गई सहयोग की अपील
डॉ. रजक ने आम जनता और मरीजों के परिजनों से अपील की है कि यदि उन्हें अस्पताल परिसर में दलालों की गतिविधि नजर आए, तो वे तुरंत इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन या सुरक्षा गार्ड्स को दें।उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही अस्पताल की व्यवस्था को पूरी तरह दलाल-मुक्त और मरीज-केंद्रित बनाया जा सकता है।
पारदर्शिता और मरीज हित की दिशा में अहम कदम
अस्पताल परिसर में पोस्टर लगाने और सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने का यह कदम सदर अस्पताल में पारदर्शिता, अनुशासन और मरीजों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि मरीजों को बिना किसी भय या भ्रम के सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।




