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रमेश चेन्निथला कांग्रेस हाईकमान के फैसले से नाराज हो गए हैं. वह विधायक दल की मीटिंग में शामिल नहीं हुए. चेन्निथला बिना कुछ बोले गुरुवायूर चले गए थे. उन्होंने सिर्फ एक लेटर भेज दिया था. लेटर में सतीशन को सीएम बनाने का सपोर्ट था. हांलांकि, अब उन्होंने अपनी नाराजगी सीधे तौर पर जाहिर कर दी है.
कांग्रेस ने केरल सीएम के तौर पर वी डी सतीशन का नाम तय किया है. (पीटीआई)
तिरुवनंतपुरम. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा वी. डी. सतीशन को केरल का मुख्यमंत्री घोषित किए जाने के बाद वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला की कथित नाराजगी की खबरों के बीच पार्टी नेतृत्व उन्हें मनाने के प्रयास में जुटा हुआ है. केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सतीशन, चेन्निथला और कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल शामिल थे. सतीशन शुक्रवार को चेन्निथला के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात करने के बाद केरल मामलों की प्रभारी कांग्रेस महासचिव दीपा दासमुंशी भी वरिष्ठ नेता से मिलने उनके घर पहुंचीं. बैठक के बाद दासमुंशी ने संवाददाताओं से कहा कि वह बृहस्पतिवार को चेन्निथला से मुलाकात नहीं कर पाई थीं, इसलिए आज उनके घर आईं.
पार्टी द्वारा बृहस्पतिवार को सतीशन को मुख्यमंत्री घोषित किए जाने के बाद चेन्निथला बिना किसी से बात किए गुरुवायूर चले गए थे और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे. उन्होंने हालांकि सतीशन को सीएलपी नेता चुने जाने के समर्थन में एक पत्र सौंप दिया था. दासमुंशी ने कहा कि वह सभी वरिष्ठ नेताओं के घर जाकर उनसे मुलाकात कर रही हैं. दासमुंशी ने कहा, “मैं यहां इसलिए आई क्योंकि मैं कल उनसे नहीं मिल पाई थी, क्योंकि वह गुरुवायूर गए हुए थे. अब वह लौट आए हैं, इसलिए उनसे मिलना मेरा कर्तव्य था.”
इस दौरान मुस्कुराते हुए चेन्निथला अपने समर्थकों के साथ पीछे खड़े दिखाई दिए. जब दासमुंशी से पूछा गया कि क्या चेन्निथला राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा होंगे, तो उन्होंने कहा, “रमेशजी यहां खड़े हैं. वह जो कहना चाहेंगे, स्वयं कहेंगे.” कांग्रेस ने 14 मई को सतीशन को केरल का मुख्यमंत्री घोषित किया था, जिससे पार्टी नेतृत्व के फैसले को लेकर कई दिनों से जारी अटकलों पर विराम लग गया. कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने केरल विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया, लेकिन मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर विभिन्न गुटों की जोरदार पैरवी और जमीनी कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते पार्टी को फैसला लेने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

