नई दिल्ली. नील नितिन मुकेश ने साल 2007 में श्रीराम राघवन की फिल्म ‘जॉनी गद्दार’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. इसके तुरंत बाद नील ने अच्छी फिल्मों में काम किया, जिनमें डायरेक्टर कबीर खान की फिल्म ‘न्यूयॉर्क’ भी शामिल है. हालांकि, एक्टर ने नाराजगी जाहिर की है कि उन्हें सही मौके नहीं दिए गए. हाल ही में नील नितिन मुकेश ने बताया कि कई मशहूर एक्टर्स को एक दर्जन फ्लॉप फिल्मों के बावजूद नए मौके मिलते रहते हैं, लेकिन जब उनकी कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाईं, तो उनसे कहा गया कि उनका करियर खत्म हो गया है.
सारा क्रेडिट किसी और को मिल जाता है
नील नितिन मुकेश ने कहा, ‘दुर्भाग्यवश, अगर आप किसी बड़ी फिल्म का हिस्सा हैं और उस फिल्म में आपका एक महत्वपूर्ण रोल है, तो मुझे भी उस सफलता का हिस्सा मानिए. लेकिन आप सारा क्रेडिट किसी और को दे देते हैं. अगर वो फिल्म फ्लॉप हो जाती, तो इसका असर हर उस इंसान पर पड़ता है, जो इससे जुड़ा होता. यह सही नहीं है. नील नितिन मुकेश ने बताया कि उनकी शुरुआती सफल फिल्मों में से एक ‘न्यूयॉर्क’ थी, जिसमें जॉन अब्राहम और कैटरीना कैफ भी थे, लेकिन यह फिल्म सिर्फ इन तीन सितारों की नहीं थी, बल्कि यह एक टीम की मेहनत का नतीजा थी.’
फ्लॉप पर एक्टर्स को दिया जाता है दोष
घर पर बैठने के लिए कहा जाता है
दो फिल्में न चलने पर करियर खत्म
उन्होंने आगे कहा, ‘अरे उसने अभी 10 फ्लॉप दी हैं और आप उसे 11वीं फिल्म 100 करोड़ के बजट के साथ दे रहे हो ताकि वो कमबैक कर सके. लेकिन यहां, दो फिल्में नहीं चली तो कह दिया गया कि करियर खत्म. करियर खत्म का क्या मतलब होता है? भले ही फिल्में नहीं चलीं, लेकिन अगर आपके काम की तारीफ हुई है, तो भी लोग आपको तुरंत खारिज करने को तैयार रहते हैं और उन्हें इसमें मजा आता है.’

