नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर मची ऐतिहासिक बगावत और हालिया पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद देश की सियासी हलचल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शिफ्ट हो गई है.नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी ‘आई.एन.डी.आई.ए.’ (I.N.D.I.A.) गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में शामिल होने के लिए जहां टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पार्टी में कलह छोड़कर कोलकाता से सीधे दिल्ली पहुंचीं, वहीं कांग्रेस, सपा और आरजेडी सहित तमाम घटक दलों के शीर्ष नेताओं ने इसमें शिरकत की. इस बैठक में ममता बनर्जी के अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, महबूबा मुफ्ती, उमर अबदुल्ला, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज पहुंचे. लेकिन इन नेताओं के बैठने की व्यव्यस्था पर अब सोशल मीडिया पर लोग चुटकी ले रहे हैं.
बैठक के भीतर से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए, उसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक का तापमान बढ़ा दिया है. विशेष रूप से नेताओं के बैठने की व्यवस्था और उनके बीच की बॉडी लैंग्वेज इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण रही. कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के मुख्य हॉल में लगी विशाल राउंड-टेबल पर नेताओं को उनके राजनीतिक कद और समन्वय के हिसाब से सीटें आवंटित की गई थीं.
किस नेता को किसके बगल में मिली सीट?
सोनिया, खरगे और ममता का मुख्य ध्रुव: बैठक की मुख्य कमान संभाल रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ठीक बगल में राहुल गांधी को सीट मिली. वहीं, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की सीट मल्लिकार्जुन खरगे और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के बिल्कुल बीच में रखी गई थी, जो दोनों दलों के बीच समन्वय का बड़ा संकेत है.
महिला क्षत्रपों की कतार: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भी सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के ठीक साथ बैठने की जगह मिली.
अखिलेश और राहुल की जुगलबंदी: यूपी चुनाव से पहले राहुल-अखिलेश की जुगलबंदी देखने को मिली. राहुल गांधी की ठीक बगल वाली सीट पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव नजर आए. उत्तर प्रदेश के ‘दो लड़कों’ की यह जोड़ी बैठक के दौरान भी कई बार गुफ्तगू करती दिखी.
युवा और क्षेत्रीय कद्दावर: अखिलेश यादव के बगल में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले बैठी थीं. वहीं, आरजेडी के युवा चेहरे तेजस्वी यादव को महबूबा मुफ्ती के बगल में सीट आवंटित की गई थी.
राहुल -ममता की बॉडी लैंग्वेज
बैठक की शुरुआत में जैसे ही राहुल गांधी हॉल के भीतर दाखिल हुए, उन्होंने शिष्टाचार दिखाते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की तरफ देखकर अपने हाथ जोड़ लिए. बंगाल में अपनी सरकार गंवाने और चौतरफा संकट से घिरीं ममता बनर्जी इस भाव को देखकर खुद को रोक नहीं सकीं और उनके चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान तैर गई. पिछले कुछ हफ्तों से कांग्रेस और टीएमसी के बीच चल रही बयानबाजी और बंगाल के सियासी तनाव के बीच दोनों नेताओं की इस गर्मजोशी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन पूरी तरह एकजुट है.
सोनिया ने बैठक के दौरान ममता का मूड भांपा
बैठक के दौरान सोनिया गांधी भी लगातार ममता बनर्जी से बातचीत कर उनका मूड भांपती नजर आईं, जबकि तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव ने काफी आक्रामक और आत्मविश्वास से भरी बॉडी लैंग्वेज दिखाई.
विपक्ष के और कौन-कौन नेता शामिल हुए?
सोमवार को हुई इस बैठक में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया. कांग्रेस की तरफ से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा टीएमसी से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी मौजूद रहे. सपा से अखिलेश यादव, आरजेडी से तेजस्वी यादव, नेकां से उमर अब्दुल्ला, जेएमएम (JMM) के प्रतिनिधि, और वामपंथी दलों (CPI-CPM) के बड़े नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
इंडिया अलायंस की मीटिंग में शामिल हुए 25 दलों के नेता.
इंडिया ब्लॉक का मुख्य एजेंडा
इस महाबैठक में मुख्य रूप से तीन बड़े फैसले लिए गए हैं. पहला, विपक्षी नेताओं और मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में विपक्ष के कार्यकर्ताओं पर हो रही कथित हिंसक कार्रवाइयों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना. दूसरा, नीट और पेपर लीक जैसे युवाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर संसद से लेकर सड़क तक केंद्र सरकार को घेरने के लिए एक साझा ‘नेशनल यूथ एजेंडा’ तैयार करना. तीसरा, आगामी मानसून सत्र में सरकार को विधायी मोर्चे पर घेरने के लिए एक कंबाइंड फ्लोर स्ट्रेटेजी बनाना.
इस बैठक से साफ है कि चुनावी हार-जीत के बावजूद विपक्षी कुनबा राष्ट्रीय स्तर पर बिखरने के मूड में नहीं है. ममता बनर्जी के लिए यह बैठक अपनी पार्टी के सांसदों को टूटने से बचाने और राष्ट्रीय स्तर पर अपना रसूख बनाए रखने का बड़ा जरिया साबित हुई है. अब देखना यह होगा कि दिल्ली की इस मेज पर बनी सहमति जमीन पर भाजपा सरकार के खिलाफ कितनी कारगर साबित होती है.

