Sunday, May 10, 2026
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आतंकी संगठन जैश ने 1500 आतंकी भर्ती किए: पाकिस्तान आर्मी की शह पर महिला ब्रिगेड की आड़ में रिक्रूटमेंट, 100 करोड़ की फंडिंग जुटाई


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इस्लामाबाद16 मिनट पहले

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AI की मदद से बनी प्रतीकात्मक तस्वीर।

पाकिस्तान का आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद फिर सक्रिय हो गया है। उसने अपनी अपनी पहली महिला ब्रिगेड ‘जमात-उल-मोमिनात’ शुरू की है। इसकी भर्ती 8 अक्टूबर से शुरू की गई है। ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया की आड़ में असल में युवा आतंकियों को संगठन में शामिल किया जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने जैश का पाक के पंजाब सूबे के बहावलपुर में मरकज तबाह किया था। यह आतंकियों का मुख्य ठिकाना था। अब पाकिस्तान की आर्मी की शह पर जैश री-ग्रुप हो रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, अब तक पंजाब और सिंध सूबे से लगभग 1500 आतंकी जैश में शामिल किया जा चुके हैं। साथ ही जैश के पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में संचालित मदरसों और मस्जिदों से लगभग 100 करोड़ रुपए चंदे के रूप में जुटाए जा चुके हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के चलते जैश के पंजाब प्रांत और पाक के कब्जे वाले कश्मीर में कई ठिकाने तबाह हो गए थे। इनकी मरम्मत के लिए जैश भर्ती के नाम पर फंड को जुटाया जा रहा है।

बड़ी तैयारी: ऑफ लाइन आउटरीच के लिए नवंबर में 100 सम्मेलन होंगे

जैश ने अगले महीने पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में 100 से ज्यादा मरकज (सम्मेलन) भी आयोजित करने का फैसला किया है। ऑनलाइन कोर्स के साथ-साथ इस ऑफलाइन आउटरीच का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्‌टरपंथी धार्मिक विचारधारा में शामिल करना है। जिससे जैश के आत्मधाती दस्ते तैयार किए जाएं।

ऑनलाइन कोर्स: मसूद की बहनें रोजाना देंगी 40 मिनट की ट्रेनिंग

जैश सरगना मसूद अजहर की दो बहनें सादिया और समैरा (सुमायरा) भर्ती के बाद ऑनलाइन कोर्स के नाम पर रोज 40 मिनट की ट्रेनिंग देंगी। ये ऑनलाइन कोर्स होगा। इन कक्षाओं के जरिए जैश की कोशिश महिलाओं को इस्लाम और जिहाद के प्रति उनकी भूमिका समझाना है। इस कोर्स में हर महिला से 500 पाकिस्तानी रुपए भी लिए जा रहे हैं।

पीओके में नेटवर्क बढ़ाने की साजिश पाक के पंजाब सूबे में मुख्यालय वाले आतंकी संगठन जैश की बड़ी साजिश पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नेटवर्क को बढ़ाने की साजिश है। राजधानी मुजफ्फराबाद सहित मीरपुर, कोटली और रावलाकोट में टेरर लॉन्च पेड को बढ़ाने का प्लान बनाया है।

एफएटीएफ से बचने को जैश का रिक्रूटमेंट डिकॉय ऑपरेशन

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) से पाकिस्तान अरबों डॉलर की मदद इसी शर्त पर ले चुका है कि वह आतंकी संगठनों पर नकेल कसेगा। इसलिए जैश ने एफएटीएफ से अपने हुकुमरान आकाओं को बचाने के लिए रिक्रूटमेंट (भर्ती) का डिकॉय (छद्म) ऑपरेशन लॉन्च किया है।

जैश पाकिस्तान में मदरसों और मस्जिदों के संचालन की आड़ में चरमपंथी आतंकवाद को बढ़ावा देता है। अब महलिा ब्रिगेड में भर्ती के नाम पर आतंकी युवाओं को अपने संगठन में शामिल कर रहा है। जिससे कि एफएटीएफ को पाक सरकार ये बताए कि भर्ती दीनी तालीम (धार्मिक शिक्षा) के लिए की जा रही है।

ऑपरेशन सिंदूर में मसूद के परिवार के 10 सदस्य मारे गए

भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद 7 मई को पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। बहावलपुर पर भारतीय हमले में मसूद के परिवार के 10 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 4 सहयोगियों की भी मौत हुई थी।

मरने वालों में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, मसूद का भतीजा और उसकी पत्नी, मसूद की एक भतीजी और उसके पांच बच्चे शामिल हैं। हमले के वक्त मसूद मौके पर नहीं था, इस वजह से उसकी जान बच गई थी।

बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी मसूद ने परिवार के लोगों के मरने के बाद एक बयान भी जारी किया था। इसमें उसने कहा था कि मैं भी मर जाता तो खुशनसीब होता। पूरी खबर पढ़ें…

संसद हमले का मास्टरमाइंड है आतंकी अजहर

पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर 2001 में भारत की संसद पर हुए हमले का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा भी उसने भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया है। मसूद 2016 में हुए पठानकोट हमले का भी मास्टरमाइंड है।

इस मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, मसूद ने भारत पर हमलों के लिए जैश-ए-मोहम्मद के कैडर का इस्तेमाल किया था। उसने 2005 में अयोध्या में राम जन्मभूमि और 2019 में पुलवामा में CRPF के जवानों पर भी हमला करवाया था।

इसके अलावा मसूद 2016 में उरी हमले और अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में भारतीय कॉन्सुलेट पर अटैक का भी जिम्मेदार है।

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ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

CDS बोले- ऑपरेशन सिंदूर में हमने पाकिस्तान को हराया: फौज वह जगह, जहां भाई-भतीजावाद नहीं, आर्म्ड फोर्सेस देश सेवा और दुनिया देखने का अच्छा मौका

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 16 अक्टूबर को कहा था कि फौज ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां किसी भी तरह का भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म) नहीं है। यहां किसी तरह का पक्षपात या सिफारिश भी नहीं होती। हमने ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान पर पहला हमला 7 मई की रात 1 बजे किया था, ताकि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें…

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